मथुरा। लॉकडाउन में पिछले दो माह से बंद विद्यालयों ने एक बार एडमिशन विंडो खोल दी है। अभिभावकों को संदेश भेज जा रहे हैं कि कॉलेज आकर फीस जमा करें और पाठ्यपुस्तकें ले जाएं।
इस साल नया शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही कोरोना वायरस के प्रकोप ने लॉकडाउन करा दिया। इससे अधिकांश विद्यालय बहुत कम संख्या में एडमिशन प्रक्रिया को पूरा कर सके हैं। ऐसे में उन्होंने एडमिशन प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। फिलहाल उन्हीं बच्चों को एडमिशन के लिए बुलाया जा रहा है, जो पिछली कक्षाओं में भी संबंधित विद्यालय में ही अध्ययनरत थे।
इसके लिए अभिभावकों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं कि अमुख छात्र की एडमिशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विद्यालय पहुंचें। फीस जमा करें और पाठ्यपुस्तक प्राप्त कर लें, जिससे पठन-पाठन की प्रक्रिया शुरू हो सके। इस प्रक्रिया में सीबीएसई के कई विद्यालयों ने तो इस बार यूनिफार्म, फीस और पाठ्यक्रम में बदलाव न करने की घोषणा की है, जबकि अनेक विद्यालय इस विषय पर अभी चुप्पी साधे हैं। इसके अलावा वाहन फीस पर भी अभी खामोशी है। इसके अलावा भी कक्षा छह, नौ और ग्यारह के लिए बाहरी छात्रों से भी एडमिशन फार्म लिए जा रहे हैं। साथ ही बगैर परीक्षा परिणाम के ही कक्षा 10 के छात्रों को कक्षा 11 में एडमिशन शुरू कर दिए हैं। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में फिलहाल लॉकडाउन के चलते ऐसी कोई गतिविधियां नजर नहीं आ रही है। अधिकांश विद्यालयों में ताले पड़े हैं। कुछ विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण की गतिविधियों के लिए हलचल नजर आ रही है।
फीस माफी की मांग
अभिभावक एसोसिएशन के स्तर से कोरोना वायरस के दौरान लोगों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्कूल फीस माफ करने की भी मांग की जा रही है। इसके अलावा ऐसी भी शिकायत मिली हैं कि अनेक विद्यालय लॉक डाउन के दौरान शिक्षकों को वेतन नहीं दे रहे हैं।