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लॉकडाउन : पुराने शहर में दूध-सब्जी को तरसे हजारों लोग

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होली गेट के अंदर सील किए गए एरिया में नगर निगम की गाड़ी से दूध खरीदते लोग। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद सील किए गए पुराने शहर में हजारों लोग रविवार को दूध और सब्जी के लिए तरस गए। कुछ स्थानों पर दूध पहुंचा लेकिन दूध की मनमानी कीमत वसूली गई। लोगों का कहना है कि मजबूरी में 65 रुपये लीटर तक दूध खरीदा। परेशान लोगों का कहना है कि पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों में तालमेल नहीं है। इस कारण होम डिलीवरी की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। अधिकारी कह रहे हैं कि दूध और सब्जी विक्रेता घर तक पहुंचेंगे लेकिन पुलिस सील इलाकों में विक्रेताओं को घुसने नहीं दे रही। वहीं आवश्यक सामान के लिए लगाई गईं नगर निगम की गाड़ियां भी कहीं दिखाई नहीं दे रहीं।
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लॉकडाउन के बाद शहर में मिले कोरोना पॉजिटिव केसों के बाद प्रशासन ने घनी आबादी वाले पुराने शहर को सील कर दिया है। जिन इलाकों को सील किया गया है उनमें दरेसी रोड, मनोहरपुरा, चौबियापाड़ा, चौक बाजार, गऊघाट, कच्ची सड़क, छत्ता बाजार, होलीगेट, कोयला गली, माता वाली गली, बंगाली घाट, विश्राम घाट, द्वारिकाधीश बजरिया, स्वामी घाट, कुशक गली, घीया मंडी, मंडी रामदास, भरतपुर गेट, लाला गंज, जवाहर गंज, महोली की पौर, दलपत खिड़की आदि शामिल हैं। इन इलाकों में करीब दो लाख की आबादी रहती है।
25 अप्रैल से प्रशासन ने बाजार को पूरी तरह बंद कराकर होम डिलीवरी की व्यवस्था शुरू कराने का दावा किया। अधिकारियों ने कहा कि दूध और सब्जी विक्रेता क्षेत्रों में जाकर घरों तक सामान पहुंचाएंगे। डेयरी संचालक भी घरों तक दूध पहुंचाएंगे। नगर निगम की गाड़ियां खाद्य सामग्री के पैकेट घरों तक पहुंचाएंगी। 25 अप्रैल की शाम तक प्रशासन ने सील किए गए इलाके की सभी गलियों को बैरियर और बंद करा दिया। इन रास्तों से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। दूध के लिए शाम को ही हाहाकार मचना शुरू हो गया था।
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26 अप्रैल की सुबह लोग दूध और सब्जी के लिए परेशान हो गए। भरतपुर गेट के निकट दूध विक्रेता पहुंचा तो लंबी लाइन लग गई। लोगों का कहना है कि 65 रुपये लीटर तक दूध बिका और वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक बने रहे। भाजपा नेता प्रदीप गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने सील किए गए इलाकों में दूध और सब्जी के लिए लोगों की परेशानी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया है। वृंदावन दरवाजा निवासी व्यापारी गोविंद राम अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन दूध और सब्जी विक्रेताओं को छूट देने की बात कह रहा है, लेकिन पुलिस उन पर डंडे बरसा रही है। नगर निगम की गाड़ियां कहीं दिखाई नहीं दे रहीं। इससे यही लगता है कि अधिकारियों में तालमेल नहीं है।
ऐसे में पब्लिक परेशान ही रहेगी। घीया मंडी निवासी आशीष शर्मा ने कहा कि सुबह से दोपहर तक दूध और सब्जी का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सब्जी नहीं मिलेगी तो ज्यादा समस्या नहीं है, लेकिन दूध के बिना बच्चे परेशान हो रहे हैं। चौक बाजार निवासी शिखा अग्रवाल ने बताया कि सब्जी विक्रेता क्षेत्र में नहीं पहुंचा। चौबियापाड़ा निवासी चिंताहरण चतुर्वेदी ने बताया कि लोग दूध और सब्जी के लिए परेशान हैं। मेजघा गली निवासी सागर शर्मा ने बताया कि प्रशासन को सील एरिया में दूध और सब्जी की व्यवस्था करानी चाहिए।
डेयरी संचालक परेशान, फेंक रहे दूध
सील किए गए पुराने शहर के कच्ची सड़क, लाल दरवाजा, वृंदावन गेट, गऊघाट, मंडी रामदास समेत कई स्थानों पर दूध की डेयरियां हैं। डेयरी संचालकों का कहना है कि प्रशासन ने आदेश दिए हैं कि लोग दूध लेने डेयरियों पर न आएं। डेयरी संचालक ही लोगों के घरों पर दूध पहुंचाएं, लेकिन पुलिस ने डेयरी संचालकों को दूध देने नहीं जाने दे रही है। ऐसे में सैकड़ों लीटर दूध खराब हो रहा है। हालात यहां तक हैं कि दूध को फेंकना पड़ रहा है।
दूध, सब्जी तथा अन्य किसी भी आवश्यक वस्तु के लिए लोग परेशान न हों। किसी भी खाद्य सामग्री की कमी नहीं है। सभी वस्तुओं की होम डिलीवरी की जाएगी। सील किए गए एरिया के डेयरी संचालक दूध घरों तक पहुंचा सकते हैं। पासधारक सब्जी विक्रेता घरों तक सब्जी पहुंचा रहे हैं। नगर निगम की गाड़ियां भी दूध तथा अन्य खाद्य सामग्री पहुंचा रही हैं।
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- सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी
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