मथुरा। लॉकडाउन के दौरान आटा और सब्जी के दामों में भारी गिरावट आई है। आटा 24 रुपये प्रति किलो तो सब्जी विक्रेता 16 रुपये प्रति किलो की दर से आलू घर तक पहुंचा रहे हैं। दूध की कीमत भी बहुत कम हो गई है। यही स्थिति फलों की भी है। प्रशासन द्वारा तय की गई दरों से नीचे ही आटा, सब्जी और फल बिक रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन फ्लोर मिल मालिकों के साथ अब बैठक करने जा रहा है।
लॉकडाउन के 11 दिन हो चुके हैं। लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की आवक निरंतर बनी रहने से इनकी दरों में गिरावट देखने को मिल रही है। किसानों के खेतों से गेहूं की फसल कृषि मंडी पहुंचने लगी है। किसान नया गेहूं मंडी पहुंचा रहे हैं। शनिवार को नई मंडी में गेहूं की बोली 1811 रुपये प्रति क्विंटल लगी है। इससे बाजार में आटे के दाम कम होने लगे हैं। जवाहरगंज के आटा कारोबारी संजय खंडेलवाल ने बताया कि 50 किलो का बोरा 1200 के भाव में बेचा जा रहा है। यही थोक के भी भाव हैं। किसान का गेहूं बाजार में आने से यह दरें कम हुई हैं। छोटे दुकानदार भी अब 26 से 28 रुपये के भाव में आटा बेच रहे हैं।
बाजार के निर्धारित मूल्य में आटा ही सस्ता नहीं हुआ है, बल्कि सब्जी भी सस्ती हो गई हैं। 20 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जा रहा आलू अब 15 से 18 रुपये प्रतिकिलो के भाव पर घर तक पहुंच रहा है। गोभी 10 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रही है। खीरा की कीमत 20 रुपये से नीचे है। यही हाल अन्य सब्जियों का है। फलों की कीमत में भी गिरावट है। दूध के भाव भी पूर्व से 40 प्रतिशत कम हो गए हैं। 30 से 40 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध बिक रहा है। सब्जी, फल और दूध के भाव में गिरावट का कारण लॉकडाउन में सीमित समय के दौरान ही बिक्री का होना है। सुबह सात से 10 बजे तक सब्जी, फल और दूध बेचा जा रहा है। ऐसे में दुकानदार भी चाहता है कि उसके सामान पूरी तरह से बिक जाएं। इसके अलावा मथुरा में उक्त वस्तुओं की कमी भी नहीं है।
बिगड़ रहे मंडी के हालत
सिटी मजिस्ट्रेट के प्रयास के बाद भी लॉकडाउन का असर मंडी समिति में अप्रभावी बना हुआ है। खासकर सब्जी मंडी में हाल सबसे ज्यादा खराब रहता है। आसपास के पुरुष-महिलाएं यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरकार के दिशानिर्देशों का पालन भी नहीं हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए एक बार फिर नई व्यवस्था पर मंडी प्रशासन विचार करने जा रहा है। वर्तमान में नया गेहूं भी आने से भीड़ का दबाव बढ़ गया है।