मथुरा। नाबालिग छात्र के अपहरण के मामले में एडीजे तृतीय अजय पाल सिंह ने अपहरणकर्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना राया के गांव नगला बुर्ज अरोड़ा निवासी बनी सिंह के अनुसार उनका 15 वर्षीय पुत्र एदल सिंह 15 अगस्त 1996 को सुबह गुडेरा स्थित अपने स्कूल गया था, लेकिन लौटकर नहीं आया। 19 अगस्त को उनके पास बेटे को छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये फिरौती का फोन आया। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस ने 21 अगस्त को इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने मांट ब्रांच बंबे पर कबूर गांव के हनुमान जी की कुटिया के बरामदे से मुठभेड़ कर नाबालिग छात्र को बरामद कर लिया, लेकिन अपहरणकर्ता बाल किशन उर्फ बालो अंधेरे का लाभ उठाते हुए भाग निकला। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) अजय पाल सिंह ने बालकिशन को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।