जिले में फार्मासिस्टों के बिना चल रही 21 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। अब यह दवाओं की बिक्री नहीं कर सकेंगे। इस कार्रवाई से दवा विक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है।
ड्रग लाइसेंस की अनिवार्य शर्त है कि दुकान पर दवाओं की बिक्री फार्मासिस्ट की मौजूदगी में हो ताकि किसी को गलत दवा न दी जाए। इस नियम का जिले में मखौल उड़ाया जा रहा है।
फार्मासिस्टों ने औषधि विभाग में लिखकर दिया कि वो अब इन दुकानों पर कार्य नहीं कर रहे हैं। इस पर विभाग ने उन सभी 21 दुकानों को नोटिस जारी कर फार्मासिस्टों की मौजूदगी के प्रमाणपत्र लगाने को कहा। इन दवा विक्रेताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो विभाग ने 21 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए।
जिला औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि इस कार्रवाई में अभय मेडिकल स्टोर रैपुरा जाट, श्रीजी मेडिकल राया, दिनेश मेडिकल अड़ींग, अनुज मेडिकल राधानगर, कार्तिक मेडिकल कमलानगर, गर्ग मेडिक ल नौहझील, इंडिया मेडिकल वृंदावन, गौतम मेडिकल गोवर्धन चौराहा, धनवंतरि कॉलेज स्थित मेडिकल स्टोर अकबरपुर, राहुल मेडिकल छाता, श्रीगिरिराज मेडिकल लक्ष्मी नगर, ऋषि मेडिकल महावन, महालक्ष्मी मेडिकल अकबरपुर, दुर्गा मेडिकल राया सहित कुल 21 दुकानें के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। इन सभी दुकान संचालकों को फार्मासिस्टों के बिना बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।