थाना बलदेव के गांव करनऊ में तेंदुए की दस्तक से दहशत फैल गई है। यहां सोमवार की सुबह खेतों में काम कर रहे किसानों पर तेंदुए ने दो बार हमला किया। पांच ग्रामीण घायल हैं। वन विभाग की टीम और पुलिस तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में लगी रही लेकिन उसे कुछ हासिल न हुआ। देर रात वन विभाग की टीम मौके से हट गई। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ झाड़ियों में छिपा हुआ था।
गांव करनऊ निवासी राजेश शर्मा और सतीश शर्मा सोमवार सुबह छह बजे गेहूं की कटाई के लिए खेत पर गए थे। सरसों के खाली खेत में सिलकटी (सरसों की फली काटने के बाद बचे तने) के बीच उनको तेंदुआ दिखा। सतीश ने बताया कि उन्होंने आवाज लगाकर आसपास के खेतों से लोगों को बुला लिया। पहले तो तेंदुआ देखता रहा। लोगों के पहुंचने पर सतीश ने हाथ में लगी दरांती के साथ तेंदुए की ओर इशारा किया तो उसने एकाएक हमला कर दिया। अन्य ग्रामीण दौड़े तो तेंदुआ वहां से भागकर निकट ही झाड़ियों में छुप गया।
दहशत से खेतों में काम कर रहे लोग गांव लौट आए। सूचना पर बलदेव पुलिस पहुंच गई। पुलिस के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडा और लाइसेंसी असलहे लेकर मौके पर पहुंचे और झाड़ियों में छिपे तेंदुआ को घेर लिया।
दोपहर 12 बजे वन विभाग बलदेव के वन दरोगा सुरेन्द्र सिंह, वन रक्षक बलदेव भारत सिंह टीम के साथ पहुंचे। दोपहर दो बजे तेंदुए ने वन विभाग की टीम के सामने एक बार फिर से ग्रामीणों पर हमला किया। इस बार करनऊ निवासी जितेन्द्र, धर्मवीर और अजयपाल को घायल किया। अपराह्न तीन बजे आगरा से भी टीम पहुंच गई। देर रात तक प्रयास किए गए लेकिन तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका।
आगरा से आई वन विभाग की टीम
वन विभाग बलदेव के वन दरोगा सुरेन्द्र सिंह और भारत सिंह ने गांव करनऊ में तेंदुआ आने की सूचना आगरा के वन अधिकारियों को दी। तेंदुए को पकड़ने के लिए मथुरा में पर्याप्त संसाधन न होने के चलते आगरा के कीठम के वन अधिकारी एमके मीणा टीम के साथ गांव करनऊ पहुंचे। उन्होंने बताया कि तेंदुआ बहुत हिंसक है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के लिए कहा है।
सात से आठ फुट तक मार रहा छलांग
गांव करनऊ के जंगल में आए तेंदुए द्वारा घायल किए राजेश शर्मा और सतीश ने बताया कि वह तेजी से छलांग मार रहा है। वह एक बार में सात से आठ फुट तक छलांग मारकर हमला कर रहा है।
पूर्व में फरह में देखा गया था
थाना फरह के गांव महुअन में हाईवे स्थित टोल के पास वर्ष 2012 में ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा था। उसे पकड़ने के लिए मथुरा, आगरा और भरतपुर की वन विभाग की टीम ने प्रयास किए थे, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका था। उस साल कई बार तेंदुए को देखा गया था।
सीआईआरजी मेें बकरियों की तलाश में आता है
थाना फरह के गांव मखदूम में बने केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी) में बड़ी संख्या में बकरियां रखी गई हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इनके शिकार के लिए ही तेंदुआ यहां आते हैं। पूर्व में छह से सात बार फरह, सीआईआरजी के जंगलों में और यमुना किनारे इनको देखा गया है।