Mathura Holi 2024: होली के रंगों का खुमार भगवान कृष्ण और राधा की नगरी मथुरा, वृंदावन, ब्रज और बरसाने में डेढ़ माह पहले से ही चढ़ना शुरू हो जाता है। जिसमें बरसाने की लट्ठमार होली का अंदाज ही बहुत निराला होता है।
मथुरा में राधाकृष्ण के प्रेम अनुराग में रंगी ब्रज की होली की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो गई हैं। शासन से बरसाना की लट्ठमार होली के प्रांतीय मेले के लिए 65 लाख रुपये का बजट दिया गया है। यह राशि बरसाना में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, लाइटिंग, सजावट आदि पर खर्च की जाएगी। लट्ठमार होली 18 मार्च को होगी। 14 फरवरी को बसंत पंचमी पर्व पर होली का डांढ़ा गाड़ा जाएगा। इसके बाद डेढ़ माह तक होली का खुमार ब्रज पर छाया रहेगा। ब्रज की होली के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग मथुरा आते हैं। कहावत भी है कि सब जग होरी, या ब्रज होरा। इस बार 17 मार्च को नंदगांव में फाग आमंत्रण उत्सव होगा। इसी दिन बरसाना में लड्डू होली खेली जाएगी।
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लट्ठमार होली कब और कहां
18 मार्च को बरसाना में लट्ठमार होली, 19 को नंदगांव में लट्ठमार होली, 20 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लट्ठमार होली, 21 गोकुल में छड़ीमार होली, 24 को चतुर्वेदी समाज का होली डोला और इसी दिन होलिका दहन होगा। 24 मार्च को ही फालैन का पंडा जलती होली से निकलेगा। 25 मार्च धुलेंडी और 26 मार्च को दाऊजी हुरंगा होगा। 26 मार्च कोही जाव का हुरंगा होगा। इसी दिन मुखराई में चरकुला नृत्य होगा और 27 मार्च को गिडोह का हुरंगा होगा।
बरसाना की होली में लाखों श्रद्धालु होते हैं शामिल
बरसाना व नंदगांव की लट्ठमार होली में देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आते हैं। एक दिन बरसाना में होली होती है और अगले दिन नंदगांव में। 24 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लट्ठमार होली देखने आए थे, तो उन्होंने बरसाना और नंदगांव को तीर्थ स्थल घोषित किया था। 2019 में लट्ठमार होली को प्रांतीय मेला घोषित किया गया। इसके चलते इस पर्व/मेले का खर्चा अब उप्र शासन वहन करता है।
मिला 65 लाख रुपये का बजट
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ब्रज की होली को भव्य-दिव्य रूप से सीएम योगी की मंशा अनुसार मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, ट्रैफिक व अन्य प्रशासनिक इंतजाम किए जाएंगे। शासन ने 65 लाख रुपये का बजट दिया है।
14 को गाड़ा जाएगा नंदगांव-बरसाना में होली का डांढ़ा
होली की तैयारियों के मद्देनजर बरसाना व नंदगांव में 14 फरवरी को डांढ़ा गाड़ा जाएगा। इसी के साथ ब्रज में होली का उत्सव शुरू हो जाएगा। इस दिन ठाकुरजी नवीन पीले वस्त्र धारण करते है। मंदिरों की सजावट भी पीले साज, वस्त्रों एवं फूलों से की जाती है। यहां तक कि पुजारी भी पीले वस्त्र पहन कर मंदिरों में सेवा करते हैं। नंदगांव बरसाना में बसंत का स्वागत राधारानी व कन्हैया के चरणों में गुलाल लगाकर किया जाता है।