उत्सव का शुभारंभ ठाकुर राधा श्याम सुंदर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जहाँ मंदिर के महंत ईश्वर चंद्र शास्त्री ने हुरियारे और हुरियारिनों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। दोपहर साढ़े 11 बजे जब भगवान का डोला रथ पर सवार होकर निकला, तो वातावरण भक्तिमय हो गया। राधा की सखियों के रूप में सजी-धजी हुरियारिनें, जो लहंगा-चुन्नी और आभूषणों से सुसज्जित थीं, घूंघट की ओट से जब हुरियारों पर प्रेम पगी लाठियां बरसा रही थीं, तो द्वापर युग की जीवंत झलक दिखाई दी। कृष्ण के सखा बने हुरियारे ढालों के सहारे खुद को बचाते नजर आए, लेकिन हुरियारिनों के वार के आगे उनकी ढालें भी छोटी पड़ गईं। इस हास-परिहास और मीठी नोकझोंक ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
नगर भ्रमण के दौरान यह भव्य शोभायात्रा बाजना रोड, अयोध्या कुंज, चामड़ चौराहा, होली चौक और रेतिया बाजार जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ कस्बावासियों ने पुष्प वर्षा कर और पटुका पहनाकर हुरियारों का अभिनंदन किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, शीतल पेय और जलपान की व्यवस्था की गई थी।अब रामलीला मैदान में लठामार होली,छड़ीमार होली जारी है।सुरक्षा की दृष्टि से थाना प्रभारी सोनू सिंह और पुलिस बल मुस्तैद रहा, जिससे यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ जारी है।