जुर्म की दुनिया में लंबू के नाम से पहचान बना चुका 29 वर्षीय गैंगस्टर वसीम अकरम आखिरकार कानून की गिरफ्त में आ गया है। दिल्ली के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और हरियाणा में फरारी के ठिकाने बना चुका वसीम अकरम उर्फ लंबू जहांगीरपुरी में 19 जुलाई को हत्या करने के बाद वांछित था। इसे दिल्ली पुलिस ने 10 अगस्त की सुबह पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम (पूर्व मेदिनीपुर) से गिरफ्तार किया है।
मूल रूप से बिहार का रहने वाला वसीम बचपन से ही दिल्ली के जहांगीरपुरी, सीडी पार्क ब्लॉक में रह रहा था। अत्यधिक लंबाई के कारण आपराधिक जगत में उसे लंबू नाम मिला। कम उम्र में बड़ा नाम बनाने की चाहत रखने वाले इस हिस्ट्रीशीटर पर दिल्ली के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, अपहरण, बलात्कार, स्नेचिंग, चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत 120 संगीन मामले दर्ज हैं। वह दिल्ली पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर था और हाल के दिनों में कम से कम 35 मामलों में वांटेड था, जबकि 20 मामलों में उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया जारी थी।
सैलून से खींचकर की थी युवक की हत्या
19 जुलाई की शाम जहांगीरपुरी के सीडी ब्लॉक में वसीम अकरम ने अपने साथियों के साथ मिलकर 20 वर्षीय इरफान पर हमला किया। सैलून में मौजूद इरफान को आरोपी जबरन बाहर खींच लाए। इसके बाद पुरानी रंजिश और सट्टेबाजी के धंधे पर कब्जे को लेकर उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गश्त कर रहे पुलिसकर्मी कृष्ण और सोहनलाल ने जब उसे बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस घटना में दोनों जवानों को चोटें आईं, जबकि गंभीर रूप से घायल इरफान की अस्पताल में मौत हो गई।