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Mathura: छटा तेरी तीन लोक ते न्यारी गोवर्धन महाराज...परिक्रमा के लिए देश-विदेश से पहुंचे पांच लाख श्रद्धालु

Tue, 14 Nov 2023 05:50 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा के गोवर्धन में गोवर्धन पूजा महोत्सव में लाखों देशी-विदेशी भक्त उमड़े। भक्तों ने ढोल नगाड़ों के बीच नाचते-गाते परिक्रमा लगाई। 
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Mathura: लाखों देशी-विदेशी भक्तों ने ढोल नगाड़ों के बीच नाचते-गाते गोवर्धन परिक्रमा लगाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कार्तिक मास में दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा के लिए तीर्थनगरी मथुरा के गोवर्धन में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रीकृष्ण पूजन पुरंदर कौ छुड़ाय लियौ। लै कै ग्वाल बाल लाल गिरिवर उठाय लियौ। आप ही खबायौ और आप ही नै खाय लियौ। गिरिवर कौ मान तीनौ लोक में बढ़ाय दियौ। इनकी शरण पड़िंगे, आज गिरिराज पूजा करिंगे...। छटा तेरी तीन लोक ते न्यारी है गोवर्धन महाराज...। आदि गीतों के साथ मंगलवार को लाखों श्रद्धालुओं गोवर्धन पूजन किया और अन्नकूट का भोग अर्पित किया।

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गोवर्धन पूजा महोत्सव में देसी विदेशी गौड़ीय भक्त राधाकुंड मार्ग स्थित गौड़ीय मठ पर एकत्रित हुए। भारतीय परिधान पहने विदेशी महिला-पुरुष भक्त सिर पर प्रसाद की छबरिया रखे स्वामी नारायण दास महाराज के नेतृत्व में गोवर्धन पूजा के लिए निकले। बैंडबाजों के साथ निकलता हरिनाम संकीर्तन वातावरण में भक्ति की मिठास घोल रहा था। राजा वाले मंदिर पर दुग्धाभिषेक कर अन्नकूट का भोग लगाया गया। वहीं मानसी गंगा के तट पर मुकुट मुखारविंद मंदिर में रिसीवर कपिल चतुर्वेदी ने सुबह दूध से अभिषेक किया तो भक्तों ने शाम तक दुग्ध धारा को टूटने नहीं दिया।

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ढोल नगाड़ों के साथ निकलीं भक्तों की टोलियां

गिरिराज पूजा के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ढोल नगाड़ों पर नृत्य करते हुए देसी-विदेशी भक्तों की टोलियां हरिनाम संकीर्तन के साथ गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रहीं थीं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गिरिराज महाराज और भगवान श्री कृष्ण के जयकारे लगाते हुए पूजन किया। सभी श्रद्धालु सिर पर दूध, दही, माखन मिश्री लेकर पूजा करने तलहटी पहुंचे। करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर गोवर्धन पूजा की। गिरिराज मुकुट मुखारविंद मंदिर से दोपहर करीब एक बजे शोभायात्रा शुरू हुई। 

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दसविसा बाजार, सौंख अड्डा, दानवाटी, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा, चकलेश्वर मंदिर मार्ग से बैंड बाजों एवं नंद बाबा, कृष्ण बलराम की झांकियों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में दसविसा ब्राह्मण समाज की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के खास इंतजाम किए थे। मुकुट मुखारविंद अन्नकूट महोत्सव में मनोज कुमार शर्मा, मुरारी मास्टर, हरि बीकानेरी, हरिओम पोस्ती, पप्पू बोहरेजी, कुंनो काका, निशि शर्मा आदि का सहयोग रहा।

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विदेशी महिलाएं साड़ी पहनकर पहुंची

गोवर्धन पूजा के लिए विशेष तौर पर विदेशी महिलाएं साड़ी पहन कर गोपी भेष में गोवर्धन पहुंची। रूस से आई आनंद प्रदायिनी दासी ने बताया कि वह गिरिराज पूजा के लिए गोवर्धन आती हैं। वे पांच साल से गोवर्धन पूजा- अर्चना करने आ रही हैं। विदेशी भक्त राम दास ने बताया कि उनको भारतीय संस्कृति अच्छी लगती है। वहीं जलंधर से आई रीता सिंह ने बताया वे 10 साल से लगातार गोवर्धन पूजा करने आ रही हैं। पहले गोवर्धन पूजा करने के दौरान बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में काफी सुविधाएं हो गईं हैं।

इन सामग्रियों से बना अन्नकूट

चावल, बाजरा, दालें, कढ़ी, खीर, माखन-मिश्री, गड्ड की सब्जी, पापड़, अचार, मोहन भोग, लड्डू, मिष्ठान, मेवा, पान का बीड़ा आदि सैकड़ों खाद्य सामग्री मिलाकर अन्नकूट का प्रसाद बनाया गया।

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