वृंदावन। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर परियोजना से कुंज दुकानों के स्वामियों को सीधा फायदा मिलेगा। छोटी दुकानों के बदले उनको मुफ्त में बड़ी दुकानें मुहैया कराने की योजना सरकार ने तैयार की है। उनको काॅरिडोर में बड़ी दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। उनकी रोजी रोटी पर संकट खड़ा होने नहीं दिया जाएगा। इसलिए उन्हें किसी प्रकार से घबराने की जरुरत नहीं है।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने एक बार फिर कॉरिडोर को लेकर सरकार के विजन को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी का भी अहित नहीं चाहती है। इसलिए वह छोटी दुकानों के मालिकों को भी बड़ी दुकानें मुहैया कराएगी। सबसे ज्यादा खुशी की बात तो यह है कि यह दुकान उनको मुफ्त में ही मिलने जा रही है। सरकार वृंदावन से कुछ छीनना नहीं चाहती। सरकार तो वृंदावन में विकास की बयार चलाना चाहती है। जिससे यहां आने वाला कहे कि प्रभु की क्रीड़ास्थली ने तो दिल जीत लिया।
प्रशासन ने की जियो टैगिंग, पारदर्शिता रहेगी बरकरार
डीएम सीपी सिंह ने बताया कि दुकानदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जियो टैगिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। ताकि आवंटन प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शिता बनी रहे। छोटे दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें पहले से बेहतर स्थान और सुविधाओं वाली दुकानें प्रदान की जाएंगी। दुकानों का साइज उनकी वर्तमान दुकानों से बड़ा होगा।
केवल जानकारी के अभाव में है विरोध
कॉरिडोर के निर्माण को लेकर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध भी दर्ज कराया जा रहा है। इस पर डीएम सीपी सिंह ने कहा कि यह विरोध केवल जानकारी के अभाव में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे ही लोगों को कॉरिडोर के दीर्घकालिक लाभों की जानकारी होगी, वे स्वयं इस विकास कार्य में सहयोग देंगे। उनका कहना है कि श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर परियोजना न केवल तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई जा रही है। बल्कि इसका उद्देश्य वृंदावन के समग्र और संतुलित विकास को गति देना भी है।संवाद