धर्मनगरी गुरुवार को अपने आराध्य कन्हैया के जन्म के उत्साह से सराबोर रही। हर ओर सतरंगी छटा कान्हा के आगमन को सूचित कर रही थी। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और सप्त देवालयों में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
सप्तदेवालयों में से एक राधादामोदर मंदिर में सुबह 9:30 बजे सेवायतों कृष्ण बलराम गोस्वामी, कनिका गोेस्वामी आदि ने गिरिराज चरण शिला और ठाकुरजी के श्रीविग्रहों का दूध, दही, शहद, घी, शर्करा एवं इत्र आदि से महादुग्धाभिषेक किया। शाम को ठाकुरजी के छप्पन भोग सजाए गए।
वहीं शाह बिहारी मंदिर में राधा रमणलालजू महाराज का पंचगव्य से सेवायत डा. एसके शाह, प्रशांत शाह ने अभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कान्हा के जन्म की बधाई गाई। राधारमण मंदिर में सुबह राधारमण श्रीविग्रह का महाभिषेक किया गया। श्रीवत्स गोस्वामी, माधव गोस्वामी, मुकुंद गोस्वामी, अमित गोस्वामी, अनिल गोस्वामी, आलोक गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
कृष्ण-बलराम इस्कॉन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम सुबह से देर रात तक चला। हरे रामा हरे कृष्णा की सुमधुर ध्वनि के मध्य संपन्न हुई आरती की शोभा नयनाभिराम थीं। प्रेम मंदिर में देर रात जन्माष्टमी कार्यक्रम में ठाकुरजी की प्रतिमा का भव्य महाभिषेक किया गया। यशोदानंदन धाम, सेवाकुंज स्थित राधाश्याम सुंदर मंदिर, सवामन शालिग्राम मंदिर आदि और आश्रमों में अजन्मे ने जन्म लिया।