रमणरेती आश्रम के संत शरणानन्द महाराज के सानिध्य में निकाली गई ब्रजयात्रा के बलदेव पहुंचने पर रात को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ शरणानन्द महाराज ने किया।
कवि सम्मेलन में आगरा से आए वरिष्ठ कवि सोम ठाकुर ने ‘अमृत धारा यमुना जी की रोग शोक विनाशिनी बदहाल है ब्रजवासियो...’ गीत सुनाया। देवेंद्र दीक्षित ‘शूल’ ने सिंथेटिक दूध पर काव्य पाठ किया।
मोहन मोही ने ‘ब्रज कौ राजा बल के ठाकुर जय बोलो बलदेव की..., ब्रजभूमि सौं उठी है आवाज चलो चलो कैद में है यमुना मैया छुड़ा कै लाओ ब्रजवासियो...’ पंक्तियां पढ़ीं। अशोक अज्ञ ने तीनों लोकों में पावन धाम ब्रज धाम और कवयित्री रश्मि वर्मा ने राधा-श्याम की अनोखी जोड़ी... सुनाया।
गोपाल प्रसाद उपाध्याय और हरी बाबू ओम ने भी काव्य पाठ किया। कवि राधा गोविन्द पाठक ने ब्रजयात्रा संजीव वर्णन करते हुए कविता पढ़ी। संचालन साहित्यकार मोहनस्वरूप भाटिया ने किया।