सुहागिनों के सौभाग्य और पति-पत्नी के बीच प्रेम का प्रतीक करवाचौथ का त्यौहार शुक्रवार को मनाया गया। देर शाम चांद निकलने के बाद घर की छतों पर और पार्कों में रौनक दिखाई दी।
सुहागिनों ने सुबह से निर्जल उपवास रखा और रात में चांद को अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु की कामना की। इसके बाद जल ग्रहणकर अपना व्रत पूरा किया।
शुक्रवार को सुबह से ही करवाचौथ की रौनक दिखाई देनी शुरू हो गई थी। दिन में शहर से देहात तक बाजार गुलजार रहे। पुरुष अपनी पत्नियों के लिए उपहार और मिठाईयां खरीद रहे थे।
रंगेश्वर गली निकट गजरा खरीदने वाले लोगों की भीड़ रही। इधर घर पर विवाहित महिलाओं ने शाम को पूजन की तैयारी की और फिर तैयार होकर पूजन के बार चांद निकलने का इंतजार करने लगीं।
रात में जैसे ही चांद निकला तो महिलाओं ने उत्साह के साथ अर्घ्य दिया। इसके बाद प्रभु से अपने पति की लंबी आयु की कामना की।