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जवाहरबाग का ‘विलेन’ अफसरों में ‘हीरो’ बना रहा

Thu, 27 Oct 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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रामवृक्ष धमकाता भी था अधिकारियों को - फोटो : अमर उजाला
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जवाहरबाग हिंसा का सूत्रधार रामवृक्ष यादव डेढ़ साल तक पुलिस और प्रशासन की नजरों में हीरो बना रहा। मार्च 2014 से 2015 तक रामवृक्ष ने अपने गुर्गों के साथ कई दफा बवाल काटा। जवाहरबाग को नुकसान पहुंचाया, लेकिन पुलिस रिपोर्ट में उसे शामिल करने से बचती रही। यदि किसी मुकदमे में उसे नामजद कर भी दिया गया तो आरोपपत्र में उसका नाम निकाल दिया गया।
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स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह के नाम पर एक यात्रा लेकर  मार्च 2014 में मथुरा पहुंचा था रामवृक्ष यादव। मध्य प्रदेश से शुरू होकर मथुरा पहुंची इस यात्रा के मुखिया रामवृक्ष ने जवाहरबाग में दो दिन सत्याग्रह करने की अनुमति मांगी थी। प्रशासन की हामी पर वह जवाहरबाग में दाखिल हो गया और कब्जा जमा लिया। जब जवाहरबाग की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना शुरू किया तो सात जून को रामवृक्ष यादव समेत 17 लोगों को नामजद किया गया, लेकिन पुलिस ने 25 नवंबर 2014 को जो आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया उसमें रामवृक्ष का नाम नहीं था। 

19 जून 2014 को जवाहरबाग के ठेकेदार जयप्रकाश ने 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना की और दो दिसंबर को आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। तीन लोगों को दोषी ठहराया, लेकिन रामवृक्ष को यहां भी क्लीन चिट दे दी गई। 24 सितंबर को जिला उद्यान अधिकारी ने एक मुकदमा और लिखाया जिसमें रामवृक्ष समेत 19 को नामजद किया गया था। लेकिन यहां भी पुलिस विवेचना में रामवृक्ष को क्लीन चिट दे दी गई।  
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29 नवंबर को प्रशासन ने 3000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि हकीकत यह है कि रामवृक्ष यादव को हर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अच्छी तरह जानता था, क्योंकि सभी से उसकी भिड़ंत हो चुकी थी। लेकिन उसे पुलिस के रिकार्ड तक ले जाने की कोशिश किसी ने नहीं की। वर्ष 2015 जनवरी से मई तक भी जो केस दर्ज होते रहे उनमें भी कहीं रामवृक्ष को दोषी नहीं पाया गया। अब न्यायिक आयोग ने पुलिस की इस रिपोर्ट का अध्ययन शुरू कर दिया है।
 
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक सभी जयगुरुदेव के अनुयायी
जवाहरबाग पर कब्जा करने वाली भीड़ को लेकर पुलिस रिकार्ड में जहां भी जिक्र आया है सभी को बाबा जयगुरुदेव का अनुयायी बताया गया है। किसी रिपोर्ट में भीड़ की संख्या ढाई हजार बताई है तो कहीं 3000 बताई गई।
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