उत्तर प्रदेश सरकार ने जवाहर बाग हिंसा की जांच कर रहे एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग का कार्यकाल पांच माह के लिए और बढ़ा दिया है। अब न्यायिक आयोग को 31 मार्च 2017 तक अपनी जांच रिपोर्ट देनी होगी।
दो जून को मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था। न्यायिक आयोग ने 24 जून को जांच प्रक्रिया शुरू करते हुए अब तक 300 से ज्यादा लोगों का पक्ष सुना है। इसमें इन लोगों द्वारा घटना को लेकर शपथ पत्र दिए गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने शपथ पत्र के बाद आयोग के समक्ष उपस्थित होकर गवाही दी है। इसमें अधिकारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
न्यायिक आयोग को छह नवंबर तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देनी थी। लेकिन, राज्य सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक आयोग का कार्य काल एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब न्यायिक आयोग 31 मार्च 2017 तक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट देगा।
14 को मथुरा में आयोग
एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग के सचिव न्यायाधीश पीके गोयल ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष 14 नवंबर को मथुरा आ रहे हैं। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस स्थित आयोग के कार्यालय पर सुनवाई करेंगे। 14, 15 और 16 नवंबर को सुनवाई होगी।