जवाहर बाग हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने मथुरा में तैनात रहे 30 अफसरों को नोटिस जारी कर हफ्ते भर में जवाब मांगा है। ये सभी अफसर मार्च 2014 से जून 2016 तक मथुरा में तैनात रह चुके हैं।
मथुरा के जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। शासन ने इस हिंसा की जांच न्यायिक आयोग को सौंपी है। 25 जून से आयोग जांच कर रहा है। अब तक 128 लोगों ने शपथ पत्र पेश किए हैं।
अब मार्च 2014 से जून 2016 तक मथुरा में तैनात रहे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी से इनका पक्ष जाना जा रहा है। अफसरों को सप्ताह भर में पूरी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
न्यायिक आयोग के सचिव सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कुमार गोयल ने बताया कि जवाहर बाग पर कब्जा होने के पहले दिन से खाली कराए जाने तक जो भी अधिकारी तैनात थे सभी का पक्ष जाना जा रहा है। जिससे पूरी हकीकत पता चल सके। वहीं जो शपथ पत्र पहुंच गए हैं उनका अध्ययन किया जा रहा है। शासन ने जांच पूरा करने के लिए दो महीने का वक्त दिया है।
शहीद संतोष यादव की पत्नी को दिया 24 लाख का चेक
जवाहर बाग खाली कराते समय तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के साथ शहीद हुए तत्कालीन एसओ फरह संतोष यादव की पत्नी मिथिलेश यादव को प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने 24 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया।
बुधवार को कलक्ट्रेट पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी और एसपी देहात अरुण कुमार सिंह ने संतोष यादव की पत्नी मिथिलेश यादव को चेक सौंपा। इस दौरान सीडीओ मनीष कुमार वर्मा, नागरिक सुरक्षा के उपनियंत्रक जितेन्द्र देव सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।