मथुरा। कोरोना से बचाव के लिए जेल में पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मथुरा जेल में अधिकारियों से लेकर बंदियों तक का सैंपल भी लिया गया है। फिलहाल सब कुछ ठीक है। हम जेल की व्यवस्थाओं को और भी दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं। ये बातें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने जेल के निरीक्षण के बाद कहीं।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जेल में निश्चित मानक से अधिक बंदियों की संख्या है। यह स्थिति पूरे प्रदेशभर में है। इससे बचने के लिए बड़े स्तर पर जेलों के विस्तार की योजना चल रही है। प्रदेश के पांच जिलों में जहां जेल नहीं हैं, वहां पर नई जेल बनाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में करीब नौ हजार की प्रतिवर्ष बंदियों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। यह काम मथुरा जेल में भी कई बैरकों का निर्माण करके हो रहा है। बंदियों को आयुष मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित काढ़ा तथा अन्य खाद्य पदार्थ भी दे रहे हैं।
अब ट्रायल भी वीडियो कांन्फ्रेसिंग से होगा
कोरोना को लेकर न्यायालय जाने वाले बंदियों के केस के ट्रायल को लेकर हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारियों से वार्ता चल रही है। जल्द ही ट्रायल भी वीडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से होगा।
बंदियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 32 हजार
मथुरा जेल के बंदियों ने अपने पारिश्रमिक से कमाए 32 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए दिया है। इस राशि का चेक बंदियों ने डीजी/आईजी कारागार आनंद कुमार को दिया। इस दौरान डीआईजी जेल लव कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैत्रेय और जेलर अरविंद पांडे भी मौजूद रहे।