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अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए क्षमा मांगे जग्गी वासुदेव

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वृंदावन बृज तीर्थ देवालय न्यास की बैठक श्री राधा कांत मंदिर में उपस्थित प्रमुख देवालय के प्रतिन? - फोटो : VRINDAVAN
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ईशा फाउंडेशन के संस्थापक जग्गी वासुदेव द्वारा मां यशोदा एवं भगवान श्री राधा कृष्ण के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर ब्रज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर ब्रज तीर्थ देवालय न्यास की बैठक में जग्गी वासुदेव के लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
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श्री राधाकांत मंदिर में मंगलवार को ब्रज तीर्थ देवालय न्यास की बैठक हुई। इसमें श्री मुकुट मुखारविंद मंदिर गोवर्धन के रिसीवर रमाकांत गोस्वामी की अध्यक्षता में टिप्पणी के लिए जग्गी वासुदेव से क्षमा मांगने की मांग की गई।
श्री दाऊजी मंदिर के रिसीवर आरके पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म में सर्वोच्च स्थान मां का है। उसके बिल्कुल उलट जग्गी वासुदेव द्वारा मां यशोदा एवं श्री कृष्ण के प्रति की गई टिप्पणी अत्यंत आहत करने वाली है। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, नंदबाबा मंदिर नंदगांव के सेवायत गोस्वामी हरि मोहन गोस्वामी व लाडली जी मंदिर बरसाना के सेवायत प्रवीण गोस्वामी ने कहा कि मां यशोदा जैसी वात्सल्यमई मां के ऊपर इतना बड़ा आक्षेप लगाना और उन्हें श्री कृष्ण की प्रेयसी, रासलीला में भाग लेने वाली और श्री राधारानी से ईर्ष्या रखने वाली बताना अत्यंत अप्रामाणिक और निंदनीय है। बैठक में विनीत नारायण ने इस बयान की घोर निंदा करते हुए जग्गी वासुदेव से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। भागवत आचार्य राजू भैया और अमर बिहारी पाठक, चंद्र सरोवर से पूर्ण प्रकाश कौशिक, श्री बलभद्र पीठाधीश्वर विष्णु पांडे, सौरभ द्विवेदी, भागवत आचार्य विष्णु सिद्ध, मनोज गोस्वामी, सुमित गोस्वामी, पंडित सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि इस संदर्भ में सरकार को अविलंब जग्गी वासुदेव के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
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बैठक में गोकुल चेयरमैन संजय दीक्षित, नंदगांव चेयरमैन ताराचंद गोस्वामी ने बताया कि बैठक में न्यास की ओर से समस्त जगतगुरु शंकराचार्य एवं जगद्गुरु वैष्णव आचार्य, समस्त अखाड़ों के पीठाधीश्वर एवं विशिष्ट संत महापुरुषों से इस संदर्भ में राय मांगी जाएगी। संयुक्त पत्र जग्गी वासुदेव को भेजा जाएगा और उनसे स्पष्टीकरण और अविलंब क्षमा याचना करने को कहा जाएगा। जग्गी वासुदेव के क्षमा न मांगने पर सुप्रीम कोर्ट से विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।
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