मथुरा। नगर निगम की सदन की 30 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक के हंगामेदार होने के आसार हैं। एक और विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है, वहीं भाजपा के खुद के पार्षद ही नगर निगम की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। बोर्ड बैठक में रखने के लिए 10 बड़े प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
बोर्ड बैठक में पानी और हाउस टैक्स, गंगाजल सप्लाई, कुत्ते और बंदरों का मुद्दा, जर्जर सड़कें, नगर निगम की जमीनों पर कब्जे, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नगर निगम में रिश्वतखोरी, स्ट्रीट लाइटें ठीक न होने, सफाई, सफाई कर्मियों का वीआईपी व अधिकारियों के आवास पर ड्यूटी आदि का मुद्दा जोरशोर से रखा जाएगा है। वहीं, निगम की ओर से 15-15 लाख रुपये के विकास प्रस्ताव प्रत्येक पार्षद से मांगे गए हैं। मेयर विनोद अग्रवाल ने बताया कि 10 बड़े प्रस्तावों को सदन में बैठक के दौरान सभी पार्षदों के समक्ष चर्चा के लिए रखा जाएगा। सहमति होने पर प्रस्तावों पर मुहर लगेगी।
दो धड़ों में बंटी भाजपा, कैसे मिलेगा प्रस्तावों को समर्थन
नगर निगम के सदन में भाजपा के 36, निर्दलीय 16, कांग्रेस के 6, बसपा के 4, सपा के दो, आजाद समाज पार्टी के 2 और रालोद के 4 पार्षद हैं। भाजपा के 36 पार्षद इस समय एक सुर में नहीं हैं। 24 दिसंबर को भाजपा पार्षदों की बैठक हुई। इसमें महानगर अध्यक्ष और कुछ पार्षद पहुंचे। विकास के मुद्दे सदन में रखने की रणनीति बनी। बोर्ड बैठक की इस महत्वपूर्ण बैठक में सदन का मुखिया नहीं पहुंचा और न ही उस खेमे के पार्षद पहुंचे। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं पार्टी के भीतर होने लगी हैं।
यह प्रस्ताव रखे जाएंगे बोर्ड बैठक में
मेयर विनोद अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के काम को दूसरी कंपनी को देने, 31 जनवरी तक ओटीएस बढ़ाने का प्रस्ताव, सीवेज फार्म में बाढ़ का पानी भरने से किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए छूट देने का प्रस्ताव, पार्किंग शुल्क घंटे के हिसाब से लेने, लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी, शहर के मार्ग व चौराहों के नामकरण का प्रस्ताव, तीर्थ क्षेत्र को रंगेश्वर मंदिर तक बढ़ाने, ग्राम सभा की चिह्नित 13 जमीनों पर मॉडल राशन शॉप खोलने, 330 सफाई कर्मियों की आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती व आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक्ड मील पकाने के लिए बर्तन खरीदने का प्रस्ताव रखा जाएगा।