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यात्रा भत्ता दिया नहीं खाने के खर्चे में भी कटौती

Sun, 31 Jan 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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परिषदीय शिक्षकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के दौरान डीए (खाना भत्ता), टीए (यात्रा भत्ता) और स्टेशनरी के खर्चे में कटौती कर लाखों रुपये के घोटाले की बात कही जा रही है। शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें खाना भी पूरा नहीं दिया जा रहा है।
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मथुरा ब्लाक में गुरुवार को शिक्षकों को दिए गए खाने में बदबू आ रही थी, इसे उन्हें फेंकना ही पड़ा।
जिले के प्रत्येक ब्लाक पर लगभग 150 परिषदीय शिक्षकों को आरंभिक पठन कौशल विकास एवं सतत् व्यापक मूल्यांकन के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिले के दस ब्लाक में अधिकतर पर प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। शिक्षकों का आरोप है कि इसमें अधिकारी और एबीआरसी मिलकर धांधली कर रहे हैं। ट्रेनिंग में प्रतिभाग करने वाले प्रत्येक शिक्षक पर प्रतिदिन सौ रुपये खर्च करने के लिए आया है। इस खर्चे में गड़बड़ कर लाखाें रुपये के वारे न्यारे किए जा रहे हैं।

आधा भी नहीं कर रहे खर्च
ब्लाक छाता में ट्रेनिंग लेने वाले प्रत्येक शिक्षक को प्रतिदिन एक समय के खाने में छह पूड़ी, सब्जी और एक मिठाई दी जा रही है। पहले दिन एक रजिस्टर, पेन दिया गया है।
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साथ ही एक टाइम का चाय-नाश्ता दिया गया है। शिक्षकों के अनुसार चार दिन के चाय-नाश्ता में अधिकतम 50 रुपये, पूड़ी, सब्जी के 25 रुपये पैकेट के अनुसार चार दिन के सौ रुपये और स्टेशनरी के अधिकतम 30 रुपये खर्च हो रहे हैं। इस तरह प्रति शिक्षक पर मिले 400 में से 180 रुपये ही खर्च हो रहे हैं।

ब्लाक राया में ट्रेनिंग शिविर में शिक्षक को खाने में आठ पूड़ी, सब्जी और एक मिठाई दी जा रही है। स्टेशनरी के लिए रजिस्टर और पेन और एक समय का चाय नाश्ता दिया जा रहा है। यहां टीए का रुपया शिक्षकों को नहीं दिया गया है। इस तरह यहां भी कुल 180 रुपये ही खर्च किए गए हैं।

नगर क्षेत्र मथुरा में भी खाने के नाम पर अन्य ब्लाक जैसी ही स्थिति है। गुरुवार को तो ट्रेनिंग के बाद शिक्षकों को बदबूदार खाना बांटने से शिक्षकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अपना खाना फेंक दिया इसके बाद भी कोई अधिकारी हालात जानने नहीं पहुंचा।

न ही उनकी समस्या का समाधान किया गया। यहां भी यात्रा भत्ता नहीं दिया गया है। कमोबेश यही आलम लगभग हर ब्लाक पर है।

यात्रा भत्ता खर्चानुसार दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। यदि नहीं दिया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। शिक्षकों को टीए अवश्य मिलेगा। नगर क्षेत्र में वितरित किए गए खराब खाने की भी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. मुकेश अग्रवाल, डायट प्राचार्य

प्रशिक्षण का पूरा पैसा ब्लाक पर पहुंचा दिया गया है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वह ट्रेनिंग को किस तरह पूरी कराते हैं। यदि स्थिति बताए गए अनुसार हैं तो इस संबंध में बात की जाएगी।
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- गौरीशंकर, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
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