राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तेज प्रताप सिंह और जस्टिस आरके तिवारी ने सोमवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में लंबे समय से बंद कैदियोें से बातचीत की। जेल के रसोईघर और बैरकों में व्यवस्थाएं भी देखीं।
दोपहर बाद अचानक अधिकारियों की गाड़ियां जेल में पहुंची तो कैदी और जेल प्रशासन सकते में आ गए। न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियोें के साथ जिला कारागार में निरीक्षण करने पहुंचे प्राधिकरण के सचिव तेज प्रताप और जस्टिस तिवारी ने 24 से अधिक पुराने कैदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं पूछी।
इस दौरान सामने आया कि कैदियों को कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और केस की ठीक से पैरवी कराने के निर्देश दिए। इसके बाद वे जेल की व्यवस्थाएं देखने गए। रसोईघर, और बैरकों के साथ ने साफ सफाई के इंतजाम भी देखे। कुछ कैदियोें ने उनसे बीमार होने पर बाहर इलाज के लिए जाने के दौरान पुलिस सुरक्षा न होने की शिकायत की तो उन्होंने इसका इंतजाम कराने को कहा।