वृंदावन। सात जुलाई की देर रात संयुक्त जिला चिकित्सालय में खून से लथपथ महिला को उपचार न मिलने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी आकस्मिक निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने इमरजेंसी में मरीजों का इलाज न करने पर कार्रवाई की हिदायत अस्पताल प्रशासन को दी है।
शुक्रवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्रा ने सबसे पहले अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनका हालचाल जाना। अस्पताल प्रशासन द्वारा दी जा रही चिकित्सीय सुविधा की जानकारी की। कोविड-19 महामारी में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का अस्पताल प्रशासन द्वारा सही ढंग से अनुपालन करने की जानकारी लेते हुए संतुष्टि जाहिर की।
डीएम ने अस्पताल परिसर में स्टाफ, मरीजों व उनके तीमारदारों द्वारा मास्क का प्रयोग व निर्धारित समयानुसार सैनिटाइजर के छिड़काव पर भी संतोष जताया है। लेकिन बीती 7 जुलाई की रात चरखारी कुंज निवासी ब्रजेश की पत्नी राजकुमारी को गंभीरावस्था में होने के बावजूद उपचार के लिए भर्ती न करने के मामले में नाराजगी जताई।
इस आपातकालीन स्थिति में सभी मरीजों का समुचित उपचार करने की हिदायत सीएमएस डॉक्टर केके गुप्ता को दी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि उस समय नाइट ड्यूटी में तैनात चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।