मथुरा। धूम्रपान निषेध दिवस पर महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय परिसर के एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) केंद्र में जागरूकता बैठक हुई। इसमें चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने धूम्रपान से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। लोगों से इस आदत से दूर रहने को कहा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि धूम्रपान जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है। सिगरेट, बीड़ी और अन्य प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान फेफड़ों, हृदय तथा शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर भी बुरा प्रभाव डालता है। इससे वातावरण प्रदूषित होता है और निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) के कारण अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. अमन कुमार ने कहा कि धूम्रपान करने वाले लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। लोगों को यह समझना होगा कि स्मोकिंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस दौरान डॉ. अमरचंद, डॉ. अमिताभ पांडेय, डॉ. रितु रंजन, स्टाफ नर्स मोनिका, शिल्पी, मनीष आदि मौजूद रहे।