मथुरा। मथुरा-वृंदावन को 2030 तक पौराणिक स्वरूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। विजन-2030 के तहत करीब सौ परियोजनाओं को मंजूरी के लिए बृहस्पतिवार को डीएम व मंडलायुक्त ने सीएम योगी के सामने वर्चुअली माध्यम से प्रस्तुत किया है। इसमें कोसीकलां में 500 एकड़ भूमि में इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण कराना भी शामिल है। इन सभी परियोजनाओं पर करीब 31 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
एमवीडीए, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत निगम सहित प्रमुख विभाग समेत दो दर्जन विभागों के प्रस्तावों पर बीते दिनों कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहमति बनी थी। सभी विभागों को मिलाकर करीब सौ परियोजनाएं हैं। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह के अनुसार इसमें श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर, ट्रांस यमुना पार्किंग, वृंदावन में सिग्नेचर ब्रिज, विश्राम घाट के सामने यमुना पार पार्किंग, मथुरा में भूतेश्वर, बस स्टैंड, धोली प्याऊ पर फ्लाई ओवर तथा तीन आवासीय कॉलोनी 268 एकड़ में बनेंगी।
साथ ही 100-100 हेक्टेयर में बरसाना, गोवर्धन में टाउनशिप विकसित होगी, कोसीकलां में 500 एकड़ भूमि पर औद्योगिक हब, जैंत से छाता के मध्य नॉलेज पार्क, बरसाना में रंगीली चौराहे का विस्तारीकरण, बरसाना में बाईपास का निर्माण समेत अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। सीईओ ने बताया है कि इन सौ परियोजनाओं को विजन-2030 के तहत धरातल पर उतारा जाएगा। बृहस्पतिवार को डीएम चंद्रप्रकाश सिंह और मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष वर्चुअली माध्यम से प्रस्तुत किए हैं। अब इन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार होकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। हालांकि श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण और सिग्नेचर ब्रिज जैसी कुछ परियोजनाओं का कार्य शुरू हो गया है। ये परियोजनाएं भी विजन-2030 में शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को भी किया गया शामिल
इन परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है। इसमें वृंदावन में कृष्ण की पैड़ी, परिक्रमा मार्ग का ब्यूटीफिकेशन, सप्त देवालय सर्किट हाउस निर्माण, छटीकरा मार्ग का निर्माण, मथुरा-वृंदावन मार्ग का सौंदर्यीकरण, मीराबाई कन्वेंशन का पीपीपी मॉडल पर निर्माण, डिजिटल म्यूजियम और फरह में हिंदुस्तान कॉलेज से गोवर्धन तक फोरलेन मार्ग का निर्माण भी शामिल है।