स्ट्राइक वन कोर के सैनिकों की बहादुरी के किस्से और बलिदान गाथाएं म्यूजियम में सुनी और देखी जा सकेंगी। यह म्यूजियम वार मेमोरियल के निकट तैयार किया जा रहा है। सेना की स्ट्राइक वन कोर की 50वीं वर्षगांठ पर इसका उद्घाटन किया जाएगा। इससे पहले कोर के सिपाहियों की गाथाएं चित्र और चलचित्र प्रदर्शनी के रूप मे सहेजी जा रही हैं।
स्ट्राइक वन कोर के लड़ाकों ने चीन और पाकिस्तान से दो बार हुए युद्ध, कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का प्रदर्शन किया था। इसके लिए कोर के कई सैनिकों को परमवीर चक्र, महावीर चक्र और अन्य सैनिक सम्मानों से नवाजा गया। कोर के गठन के 50वीं वर्षगांठ पर इन्हीं सैनिकों के किस्से म्यूजियम में देखे जा सकेंगे। इसमें सैनिकों के चित्र और उनकी कहानियां लोग देख और सुन सकेंगे।
सेना के अधिकारियों की योजना म्यूजियम में वीडियो प्रदर्शनी तैयार करने की भी है। इसमें कोर की 19 हॉर्स ग्रेनेडियर्स के मेजर होशियार सिंह, 17 हॉर्स के लेफ्टिनेंट अरुण क्षेत्रपाल और तारोपोर सहित अन्य जांबाज सैनिकों की वीरगाथाएं शामिल होंगी। इसके अलावा स्ट्राइक वन कोर के बारे में भी बताया जाएगा। सेना से जुड़े सूत्र ने बताया कि कोर के वॉर मेमोरियल के निकट म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। इसका शुभारंभ अगस्त माह में कोर की 50वीं वर्षगांठ पर होगा।