मथुरा। यमुना किनारे नगर निगम की बेशकीमती जमीन पर हो रहे निर्माण को मंगलवार को रुकवा दिया गया। यहां पर कुछ लोग बाउंड्री बनवा रहे थे। इसे लेकर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई थीं। इस पर नगर आयुक्त ने काम रुकवाते हुए जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
यमुना किनारे जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद है। विवाद कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। बगैर किसी को सूचना दिए कुछ लोगों ने लॉकडाउन के दौरान बाउंड्रीवाल का काम शुरू कर दिया। निर्माण कार्य में निगम के ही कुछ कर्मचारियों की सांठगांठ बताई गई। पार्षदों ने इसकी जानकारी अफसरों को दी, लेकिन सोमवार को यह मामला नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड़ तक पहुंच गया।
नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त राज कुमार मित्तल को मौके पर भेजा। सहायक नगर आयुक्त ने रिपोर्ट नगर आयुक्त को दी तो उन्होंने काम बंद करने के आदेश दिए। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप सिंह से बातचीत कर नगर आयुक्त ने इस जमीन के मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। कमेटी में सहायक नगर आयुक्त के साथ विप्रा के दो एई भी रहेेंगे।
नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि यहां निगम की जमीन है। जो लोग निर्माण करा रहे हैं उनका दावा है कि उनका पालिका के साथ कोर्ट में केस चल रहा था, जिसे वह जीत गए हैं। इसकी जानकारी निगम को नहीं है, इसीलिए निर्माण कार्य रुकवाया दिया है।
पार्षदों के साथ जूम बैठक में भी उठा मामला
लॉकडाउन के चलते पार्षदों के साथ संवादहीनता दूर करने के लिए मंगलवार को नगर आयुक्त ने सभी पार्षदों के साथ जूम बैठक की। पार्षदों ने यमुना किनारे की जमीन पर कब्जे का मामला उठाया और निर्माण रुकवाने की मांग की। बैठक में महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु के अलावा पार्षद रामदास चतुर्वेदी, मीरा मित्तल, मीरा अग्रवाल, नीलम गोयल, शाहिदा बेगम, रिचा चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
निगम की जमीनों के मामले नहीं हो रहे निस्तारित
डीग गेट स्थिति निगम की जमीन पर कब्जे का मामला हो या फिर केआर कॉलेज की जमीन का विवाद। अभी तक जमीनों के मामलों के निस्तारण नहीं हो पाया है। इसके अलावा कृष्णानगर में नाले के निकट प्लाट पर कब्जा, जमुना पार पर विवादित जमीन संबंधी निस्तारण अभी तक नहीं हो पाए हैं।