वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर के आसपास और मंदिर को जाने वाले सभी मार्ग अतिक्रमण से घिरे हैं। भल्ले और मिठाइयों की दुकानों के आगे मार्ग पर खौलते तेल व घी की कढा़ई और गैस चूल्हे रखे हैं। इससे जहां मार्ग सकरे हो गए हैं। वहीं देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की जान को खतरा रहता है। बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं।
शनिवार और रविवार को संख्या बढ़कर चौगुनी हो जाती है। आए दिन श्रद्धालु जाम की समस्या से जूझते हैं। मंदिर को जाने वाले चारों रास्ते विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज चौराहा, वीआईपी रोड और फलहारी बाबा की गोशाला की ओर से, इन सभी रास्तों पर अतिक्रमण के कारण श्रद्धालु मिनटों का रास्ता घंटों में तय कर पाते हैं।
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इतना ही नहीं दुकानों के आगे करीब तीन से पांच फुट तक फट्टे, बैंच और गैस चूल्हे, सिलिंडर रखे रहने से 16 फीट चौड़ा मार्ग आठ फीट तक सिकुड़ कर रह गया है। इसमें भी नगर निगम द्वारा मार्ग के बीचोबीच रेलिंग लगा दी जाती है। इससे मार्ग दो भागों में बंटकर और भी सकरा हो जाता है। इस सकरे मार्ग से श्रद्धालुओं का निकलना मुश्किल होता है। इन हालातों में श्रद्धालुओं का आम दिनों में भी यहां गुजरना मुश्किल होता है।
एक माह पहले सीएम ने ली थी बैठक
जिला प्रशासन की जिम्मेदारी
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एवं वृंदावन जोन प्रभारी क्रांतिशेखर सिंह का कहना है कि बांकेबिहारी मंदिर के आसपास और मंदिर को जाने वाले मार्गों पर अतिक्रमण जिला प्रशासन द्वारा हटाया जाएगा। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट से बात की जा सकती है।
हमारा काम सिर्फ पुलिस बल उपलब्ध करवाना
सीओ सदर प्रवीण मलिक का कहना है कि यातायात को सुदृढ़ करने के लिए नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। हमारा काम उन्हें अतिक्रमण हटाने के दौरान पुंलिस बल उपलब्ध कराना है। सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे का कहना है कि बांकेबिहारी मंदिर और नगर के प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।