अक्षय तृतीया पर जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के सुबह होने वाले चरण दर्शन और शाम को सर्वांग दर्शन की अभिलाषा लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वर्ष में एक बार होने वाले इस अनुपम दर्शन के लिए श्रद्धालु उत्सुक दिखे। पट खुलने से पहले ही मंदिर प्रांगण और मुख्य दरवाजे के बाहर कतारें लगी हुई थीं। भक्त मंदिर के पटों पर टकटकी लगाए बैठे थे। सुबह तय समय से कुछ समय पूर्व जैसे ही पट खुले संपूर्ण मंदिर परिसर ठाकुर बांकेबिहारी लाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। हरिनाम संकीर्तन, भजनों का गायन भाव विभोर किए रहा।
मंदिर के सेवायताें ने अक्षय तृतीया पर ठाकुर श्री बांके बिहारी महाराज को चंदन का लेप लगाकर ठंडक का अहसास कराया। इसी चंदन प्रसाद को श्रद्धालुओं को प्रसादी रूप में प्रदान किया गया। देश के कोने-कोने और विदेशों से आए श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी के चंदन प्रसाद को लेकर अपने को धन्य मान रहे थे। अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के साथ ही ठाकुर राधावल्लभ, सेवाकुंज, ठाकुर राधा सनेह बिहारी आदि मंदिरों की शोभा देखते ही बनती थी।
सनिया में दिए सर्वांग दर्शन
वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी को सत्तू के लड्डू और शर्बत निवेदित किए गए। शीतलता प्रदान करने के लिए ठाकुरजी के समक्ष चरण चौकी पर एक-एक किलो के चार चंदन के गोले रखे गए। ठाकुरजी के श्री चरणों में सोने-चांदी से बनी पायजेब धारण कराई गई। शाम को अद्भुत दर्शन में ठाकुरजी ने केवल कमर के नीचे सनिया (पीली सिल्क की धोती) धारण की।
सप्त देवालयों में हुए आयोजन
वृंदावन(ब्यूरो)। सप्त देवालयों में ठाकुरजी ने भक्तों को सर्वांग चंदन शृंगार के दर्शन दिए। ठाकुर राधादामोदर महाराज ने चंदन लेपकर और रायबेल की श्वेत पुष्पों की महकती माला को धारण कर दर्शन दिए। ठाकुर गोकुलानंद, राधा गोपीनाथ, राधा गोविंद देव, मदन मोहन, राधारमण, श्याम सुंदर आदि मंदिरों में भी चंदन और सर्वांग शृंगार के दर्शन हुए। मंदिरों में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने वाले पदार्थ निवेदित किए गए। राधा वल्लभ मंदिर में भी फूल बंगला सजाया गया।
द्वारिकाधीश और जन्मस्थान पर हुए विशेष दर्शन
मथुरा(ब्यूरो)। अक्षय तृतीया पर मथुरा के प्राचीन ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में विशेष दर्शनों का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने ठाकुर जी की छवि निहारकर पुण्य अर्जित किया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित ठाकुर केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में ठाकुर जी ने चंदन और चरण दर्शन दिए। इस अद्भुत छवि को निहारने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
भीड़ के बीच फंसकर बेहोश हुए
वृंदावन(ब्यूरो)। प्रशासन ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था कर रखी थी। बांकेबिहारी मंदिर में भारी पुलिसबल तैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था थी। इसके बाद भी मेरठ निवासी अनिल यादव भीड़ के बीच फंसकर दबाव में बेहोश हो गए। उन्हें बड़ी हवेली में चिकित्सीय उपचार दिया गया। बांकेबिहारी मंदिर के परिक्रमा पथ मार्ग पर पुलिस की बेरीकेडिंग से परिक्रमा देने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।