आईआईटी में प्रवेश पाने वाले गरीब किसान के पुत्र सुधीर और बिटिया विनीता को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया। सीएम अखिलेश ने भाई-बहन को एक-एक लाख का चेक और लैपटॉप दिया। उनसे मन की बातें साझा की और भविष्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत पर सहयोग का वादा किया।
मांट तहसील के नौहझील विकास खंड के गांव कोलाहार के मौजा जटपुरा निवासी कालीचरण ने अपनी पुरखों की दस बीघा जमीन बेचकर बेटा सुधीर और बेटी विनीता को इंजीनियरिंग की तैयारी करवाई। दोनों बच्चों ने भी खुद को साबित करते हुए आईआईटी में प्रवेश पा लिया।
गरीब किसान और उसके मेधावी बच्चों जिंदगी को बयां करती स्टोरी अमर उजाला ने प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी ने दोनों बच्चों को सम्मानित किया और जीएलए ने पूरी पढ़ाई की जिम्मेदारी ली। सपा के वरिष्ठ नेता डा. संजय लाठर के साथ भाई सुधीर-बहन विनीता और उनके पिता मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। सीएम ने इस परिवार की दास्तां सुनी।
इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर सुधीर और विनीता को एक-एक लाख का चेक और लैपटॉप देकर हौसला बढ़ाया। इस दौरान आगरा के ऑटो चालक के बेटे हर्षित को भी सीएम ने सम्मानित किया। इस अवसर पर सीएम ने लगभग 20 मिनट तक सुधीर और विनीता से बात की और उनके द्वारा ली गई ब्रांच पर चर्चा की। सीएम ने दोनों को ब्रांचों के स्कोप के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने सुधीर के कंधे पर हाथ रखा और बोले संघर्ष अब शुरू हुआ है, मन लगाकर पढ़ो।
कोई दिक्कत आए तो बेबाकी के साथ बताओ। पूरी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री की इस हौसला अफजाई से प्रतिभाएं प्रसन्न हो गईं। इस अवसर कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे।