मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ऐसे भवन स्वामियों की धरोहर राशि जब्त करेगा जिन्होंने वर्षा जल संचयन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित नहीं किया है। इससे पहले एमवीडीए ने भवन स्वामियों रेन हार्वेस्टिंग लगाने के लिए 30 दिन का समय दिया है।
एमवीडीए में उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें ब्रज क्षेत्र में गिरते भू-गर्भ जल स्तर पर चिंता जताई है। उपाध्यक्ष ने कहा कि जहां एक तरफ भू-गर्भ जल स्तर पर नीचे गिर रहा है। वहीं मथुरा में खाने पानी की मात्रा बढ़ रही है। पेयजल संकट की स्थिति से सुधार लाने के लिए नगरीय क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित करके और ग्रामीण क्षेत्रों में जलाशयों का निर्माण जरूरी है, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग दोनों ही कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
एमवीडीए ने वर्षा जल संचयन के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए ई एंड वाई कंसलटेंट कंपनी को निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद भवन स्वामियों द्वारा भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित नहीं किया तो एमवीडीए उत्तर प्रदेश नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 एवं भवन उपविधि 2016 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। एमवीडीए ने भवन स्वामियों को चेतावनी दी है कि यदि 30 दिन के अंदर उन्होंने अपने भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित नहीं तो उनकी जमानत के रूप में प्राधिकरण में जमा धरोहर राशि (एफडीआर) जब्त कर ली जाएगी।
बैठक में एमवीडीए सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी, ओएसडी प्रसून द्विवेदी, एक्सईएन प्रशांत गौतम आदि मौजूद रहे। एमवीडीए के उपाध्यक्ष एसबी सिंह ने बताया कि एमवीडीए वर्षा जल संचयन के प्रबंधन के लिए कठोर कदम उठाने जा रहा है। लोगों में जागरूकता लाने के प्रयास के साथ ही जिन भवन स्वामियों द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित नहीं किया है, उनकी एमवीडीए में जमा धरोहर राशि जब्त कर कार्रवाई की जाएगी।