महिला जिला अस्पताल में बच्चे का परीक्षण करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश।
मथुरा। इन दिनों बच्चों में दस्त और बुखार के मामले बढ़े हैं। शहर के महिला जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर मामलों में बच्चों के दांत निकलने की प्रक्रिया के दौरान बरती जा रही लापरवाही मुख्य कारण बन रही है।
प्रतिदिन 15 से 20 बच्चों को इलाज के लिए अभिभावक लेकर आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि दांत निकलने के समय बच्चों को सामान्य रूप से हल्का बुखार, मसूड़ों में सूजन और कभी-कभी दस्त जैसी दिक्कतें होती हैं। यदि बच्चों की सफाई और खानपान को लेकर सावधानी न बरती जाए, तो यह समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती है। उन्होंने बताया कि दस्त की स्थिति में बच्चों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। यदि समय रहते उपचार न मिले तो यह डायरिया और तेज बुखार का रूप ले सकता है, जो नवजात के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
डॉक्टर की सलाह
दांत निकलने के समय बच्चे बार-बार मुंह में हाथ या अन्य चीजें डालते हैं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही यदि बच्चा दस्त से पीड़ित है तो घरेलू उपायों के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे को ओआरएस घोल देते रहें, ताकि बच्चे के शरीर में पानी की कमी न हो।
बच्चों के दांत निकलने के समय लक्षणों को अभिभावक हल्के में लें। किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें। अस्पताल में बच्चों के पूरे इलाज की व्यवस्था है। डॉ. अनिल कुमार पुर्वानी, सीएमएस महिला अस्पताल