श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार दिनेश फलाहारी ने कहा है कि उन्होंने कभी किसी संत का अपमान नहीं किया। उन्होंने भ्रामक बातें फैलाने वालों को भी जवाब दिया। इससे पहले संत प्रेमानंद महाराज के दरबार में विराट कोहली के आने को लेकर पांच करोड़ रुपये लिए जाने का आरोप लगाने वाले दिनेश फलाहारी ने कहा है कि यदि प्रेमानंद महाराज स्वयं कह दें कि विराट कोहली ने कोई पैसा नहीं लिया तो वह उनके चरणों में बैठकर माफी मांगने की बात कही थी।
मथुरा के वृंदावन में राधा कुटी आश्रम में संतों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार दिनेश फलाहारी को ब्रज रत्न से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के लिए उनके संघर्ष और त्याग के लिए दिया गया। इस अवसर पर फलाहारी ने कहा कि उन्होंने कभी किसी संत का अपमान नहीं किया।
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समारोह की शुरुआत श्रीकृष्ण रजत शिला के पूजन से हुई। संतों ने एक स्वर में दिनेश फलाहारी को ब्रज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि फलाहारी फलाहार लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का केस लड़ रहे हैं। संतों ने कुछ लोगों पर ईर्ष्यावश उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया।
दिनेश फलाहारी ने कहा, कभी किसी भी संत का उन्होंने अपमान नहीं किया। उन्होंने भ्रामक बातें फैलाने वालों को भी जवाब दिया। महामंडलेश्वर रामकृष्ण महाराज और जूना अखाड़ा के प्रज्ञानंद गिरी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की रजत शिला का पूजन देशभर में चल रहा है। अखाड़ा परिषद इस पूजन को अपना समर्थन दे चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भक्ति की शक्ति से परेशान हैं।
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फलाहारी के प्रयासों की सराहना
उद्योगपति रूप सिंह नागर और प्रशांत त्यागी ने दिनेश फलाहारी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फलाहारी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है। यह लड़ाई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंच गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि मथुरा में जल्द ही भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा।
बिहारी लाल वशिष्ठ और महामंडलेश्वर आदित्यानंद महाराज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ब्रजवासी की आलोचना कर कोई भी सनातनी नहीं कहला सकता। संत प्रेमानंद एक पूज्य संत हैं। दिनेश फलाहारी के त्याग को भी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सभी विवाद समाप्त करने और सनातन को मजबूती के साथ शिखर पर पहुंचाने का आह्वान किया।
'प्रेमानंद महाराज कहें विराट ने नहीं लिए पैसे', दिनेश फलाहारी बोले- संत के चरणों में बैठकर मांगूंगा माफी
संत प्रेमानंद महाराज के दरबार में विराट कोहली के आने को लेकर पांच करोड़ रुपये लिए जाने का आरोप लगाने वाले दिनेश फलाहारी ने कहा है कि यदि प्रेमानंद महाराज स्वयं कह दें कि विराट कोहली ने कोई पैसा नहीं लिया तो वह उनके चरणों में बैठकर माफी मांगेंगे। बृहस्पतिवार को उनका यह बयान क्रिकेटर विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से उनके आरोप को निराधार बताने के बाद आया है।
दिनेश फलाहारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रेमानंद महाराज कभी झूठ नहीं बोलते हैं। प्रेमानंद महाराज परम ज्ञानी और राधारानी के उपासक हैं। ऐसे में यदि वह स्वयं यह स्पष्ट कर दें कि विराट कोहली ने कोई धन नहीं लिया है तो वह अपनी बात वापस लेते हुए माफी मांगेंगे। फलाहारी ने अपने बयान में दावा किया कि विराट कोहली को बाद में महसूस हुआ कि जिस तरीके से वह यहां आए, वह उचित नहीं था। इसके बाद उन्होंने कई गुना धन वापस किया था।
दिनेश फलाहारी ने यह भी दावा किया कि प्रेमानंद महाराज के यहां चलने वाला भंडारा विराट कोहली की ओर से संचालित हो रहा है। हालांकि, फलाहारी ने विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज की प्रशंसा भी की। कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि इस मामले में स्वयं प्रेमानंद महाराज स्थिति स्पष्ट करें। हालांकि दोनों पक्षों के बयानों को लेकर मामला गरमा गया है।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
बीते दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी ने वृंदावन के गऊ कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद आश्रम को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े होने लगे। इसी बीच दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के एक गुट ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था। हालांकि विराट के प्रवक्ता ने बयान जारी कर इस आरोप को निराधार बताया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को फलाहारी ने प्रतिक्रिया दी है।