मथुरा। कान्हा की नगरी में पति पर भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि उसका पूरा परिवार ही बिखर गया। झाड़-फूंक कर मनोकामना पूरी करने का दावा करने वाले पति के पास महिला श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर पत्नी ने विरोध शुरू कर दिया। यह विरोध धीरे-धीरे गृहक्लेश में बदल गया और महिला बच्चों को लेकर मायके में रहने चली गई। अब महिला की शिकायत पर सखी वन स्टॉप सेंटर (यूनिट द्वितीय) के अधिकारी दंपती की काउंसिलिंग कर बिखरे परिवार में खुशियों के रंग भरने के प्रयास में लगे हैं।
वन स्टॉप सेंटर में करीब चार महीने पहले महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पति को नोटिस भेजकर काउंसिलिंग के बुलाया गया। काउंसिलिंग में सामने आया कि हाईवे क्षेत्र निवासी दंपती करीब 14 साल पहले शादी के बंधन में बंधे थे। मेहनत मजदूरी करने वाले पति के साथ महिला खुश थी और दस साल बड़े ही आराम से गुजर गए। इस दौरान दंपती को तीन बच्चे भी हो गए। पूरा परिवार बहुत खुश था, लेकिन करीब 4 साल पहले दोनों के बीच में दरार पड़नी शुरू हो गई।किसी बाबा के संपर्क में आने के बाद पति पूजा-पाठ करने लगा और झाड़-फूंक से मनोकामना पूरी करने का दावा करने लगा। इस पर महिला श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। सबसे अधिक वह महिलाएं आने लगीं, जिनको संतान सुख की कामना था। यह बात पत्नी को असहज करने लगी और उसने विरोध शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच दरार बढ़ने लगी और करीब 3 साल पहले महिला अपने तीनों बच्चों को लेकर मायके चली गई। अब वन स्टॉप सेंटर (यूनिट द्वितीय) में दोनों की काउंसिलिंग कर बिखरे परिवार को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मोबाइल के पासवर्ड से बिखरा परिवार
सखी वन स्टॉप सेंटर में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां छोटी-छोटी बातों पर दांपत्य जीवन अलगाव की राह पर आकर खड़ा हो गया है।
केस 1: थाना फरह क्षेत्र के रहने वाले दंपती करीब 14 पहले शादी के बंधन में बंधे थे। दंपती पर तीन बच्चे हैं। वन स्टॉप सेंटर में निजी कंपनी में नौकरी करने वाले पति की शिकायत पर काउंसिलिंग शुरू हुई। पता चला कि करीब दो साल पहले अचानक महिला ने मोबाइल में पासवर्ड डाल दिया और अधिकांश समय फोन पर बातचीत करने में गुजारने लगी। पूछने पर कहती कि दूर के रिश्तेदारों से बात कर रही है। इस पर दोनों में झगड़ा होने लगा। इससे बच्चों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। अब काउंसिलर उन्हें मोबाइल से दूरी बनाकर एक-दूसरे पर विश्वास करने की सलाह दे रहे हैं।
केस 2 : हाईवे थाना क्षेत्र निवासी दंपती की शादी को 12 साल हो चुके हैं। दंपती पर दो बेटे हैं, करीब चार साल पहले दोनों के बीच मोबाइल ने दूरी बढ़ाना शुरू कर दिया। पत्नी के अधिकतर मोबाइल फोन पर बात करने पर पति को शक गहराने लगा। अधिक बातें करने की मना करने पर दोनों में झगड़े शुरू हो गए। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे पति ने करीब दो महीने पहले सखी वन स्टॉप सेंटर में शिकायत की। यहां पर हुई काउंसिलिंग में सामने आया कि दंपती के बीच हो रहे झगड़ों का असर बच्चों पर भी पड़ रहा है। दोनों की काउंसिलिंग कर दरार खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य बिखरे परिवार को बचाना है। अधिकतम 3 तारीखों में काउंसिलिंग कर विवाद सुलझाने का प्रयास करते हैं, ताकि बच्चों का भविष्य और पारिवारिक माहौल सुरक्षित रहे। अधिकांश मामलों में अविश्वास और संवाद की कमी ही झगड़े का कारण बनती है।
- विकास चंद्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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जनवरी 2024 से सितंबर 2026 में आईं शिकायतें
घरेलू हिंसा - 819
यौन हिंसा - 49
सिविल इश्यूज - 255
साइबर अपराध - 11
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जनवरी 2024 तक 1141 शिकायतें
वन स्टॉप सेंटर (यूनिट द्वितीय) की प्रबंधक नीतू सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक सखी वन स्टॉप सेंटर में कुल 1141 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। 819 मामले सबसे अधिक घरेलू हिंसा के सामने आए हैं। सभी मामलों में काउंसिलिंग की गई है।