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Mathura News: ब्रज 84 कोस परिक्रमा के विकास की उम्मीद को लगे पंख

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मथुरा। अयोध्या की तर्ज पर ब्रज 84 कोस परिक्रमा के विकास की उम्मीद को पीएम मोदी ने पंख लगा दिए हैं। आर्थिक तंगी के चलते इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ठंडे बस्ते में डाल चुका है, लेकिन अब ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारी ब्रज 84 कोस परिक्रमा के विकास की फाइलों को टटोलने लगे हैं।
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करीब दो साल पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद हेमामालिनी की पहल पर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को अयोध्या के पैटर्न पर विकसित करने की घोषणा की थी। इस पर 5 हजार करोड़ के खर्च का आकलन किया गया था। इसमें 256 किलोमीटर का दायरा उत्तर प्रदेश और 70 किलोमीटर राजस्थान और 45 किलोमीटर हरियाणा से होकर गुजरता है। हालांकि उत्तर प्रदेश के अंतर्गत मथुरा में इसकी दूरी को लेकर विवाद भी रहा है।

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के विकास का यह खाका उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने तैयार किया था। गडकरी ने इसे विरासत मार्ग हेरिटेज प्रोजेक्ट के रूप में लिया। इसका सर्वे किया और डीपीआर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। करीब एक साल चली इस मशक्कत के बाद हाईवे प्राधिकरण ने आर्थिक तंगी के चलते इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
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ब्रज रज उत्सव में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई जयंती समारोह के उद्घाटन अवसर पर ब्रज मंडल के विकास की बात की। इससे ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के विकास की बात की। इससे ठंडे बस्ते में चले गए इस प्रोजेक्ट की फाइलों से धूल हटाने का काम शुरू हो गया है। ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और प्रमुख लीला स्थलियों से श्रद्धालुओं को जोड़ता है। इस दायरे में आठ प्रमुख तीर्थ स्थल, 13 वन, 24 पौराणिक उपवन, 20 ऐतिहासिक कुंडों का सांस्कृतिक परिदृष्य श्रद्धालुओं को देखने को मिलता है।


परिक्रमा का प्रस्तावित स्वरूप
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को छह मीटर चौड़ा पक्का और 7.5 मीटर कच्चा मार्ग तैयार किया जाएगा। कई स्थानों पर इसे 30 मीटर तक विकसित करने का भी प्लान था। कच्चे मार्ग पर घास पैदल यात्रियों के लिए लगाई जाएगी। इसके साथ ही दोनों ओर वृक्ष होंगे, जिसमें कृष्णकालीन वृक्षों की अधिकता रहेगी। संपूर्ण परिक्रमा में 87 नहर, दो नदी और सात रेलवे क्राॅसिंग आ रहे हैं। रेलवे क्रॉसिंग पर एलिवेटिड क्रॉसिंग बनाए जाने का प्रस्ताव है। संपूर्ण मार्ग में साइनेज प्रणाली रहेगी। परिक्रमार्थियों की पर्याप्त सुरक्षा के लिए बोलार्ड, रेट्रो रिफलेक्टिव तत्व के अलावा आश्रम, शौचालय, पीने के लिए पानी, स्टॉल सहित बुनियादी सुविधाएं का भी प्रावधान किया गया है।




पड़ाव स्थल बनेंगे आकर्षण

प्रस्तावित ब्रज 84 कोस परिक्रमा विकास में 36 पड़ाव स्थलों को शामिल किया है। इसमें 28 पड़ाव स्थल यूपी, सात राजस्थान और एक हरियाणा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इन पड़ाव स्थलों को धार्मिक महत्व के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इन स्थलों पर पार्किंग, टेंट आवास, डाइनिंग हॉल, कथा स्थल के रूप में बुनियादी जरूरतें उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव था। यह स्थल 200 से 1000 यात्रियों के पड़ाव के मुताबिक 1.25 से छह एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाने थे।
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ब्रज 84 कोस परिक्रमा

- 361 किलोमीटर में विकसित होगा परिक्रमा मार्ग।

- 08 प्रमुख तीर्थ स्थल, 13 वन, 24 पौराणिक उपवन, 20 ऐतिहासिक कुंडों।

- 04 स्थानों पर यमुना और 04 स्थानों पर नेशनल हाईवे से गुजरेगी।

- संपूर्ण परिक्रमा में 87 नहर, 02 नदी और 07 रेलवे क्रॉसिंग।

- 36 पड़ाव स्थल, 28 पड़ाव, 07 राजस्थान और 01 हरियाणा क्षेत्र।
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