विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में एक फरवरी में बसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन मंदिर में दोपहर को शृंगार आरती के बाद गुलाल उड़ने के साथ ही धर्मनगरी में होली का आगाज हो जाएगा।
राजभोग सेवाधिकारी प्रणव गोस्वामी ने बताया कि शृंगार आरती के बाद ठाकुर बांकेबिहारीजी बसंती पोशाक धारण कर प्रतीकात्मक रूप से भक्तों संग गुलाल की होली खेलते हैं।
सर्व प्रथम ठाकुर बांकेबिहारी के मस्तक, कपोल (गालों) और ठोड़ी पर गुलाल लगाया जाता है। इसके बाद गोस्वामी चांदी के पांच थालों में भरा लाल, हरा, बसंती, गुलाबी और पीले रंग का गुलाल भक्तों पर डालते हैं। बसंत पंचमी से ही ब्रज में 40 दिन की होली उत्सव शुरू हो जाता है। मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि एक फरवरी को मंदिर में भीड़ की संभावना के कारण अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इसके अलावा राधावल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, शाहबिहारी मंदिर, राधादामोदर, राधाश्यामसुंदर मंदिर सहित सप्त देवालयों में बसंत पंचमी का उत्सव एक फरवरी से शुरू हो जाएगा।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए होगी वन वे व्यवस्था
एक फरवरी को बसंत पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर सहित नगर के विभिन्न मंदिरों में होने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस भी तैयारियाें जुट गई है। बसंत पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए होने वाली भीड़ के दबाव को देखते हुए वन वे व्यवस्था की जाएगी।
बांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर एक से सेवायत गोस्वामी और वीआईपी का प्रवेश होगा। वीआईपी मार्ग से आने वाले श्रद्धालु गेट दो से अंदर जाएंगे। गेट तीन से विद्यापीठ होते हुए बिहारीजी गली से आने वाले श्रद्धालु प्रवेश करेंगे। सभी श्रद्धालु दर्शन कर गेट चार से निकाले जाएंगे। गेट नंबर पांच को इमरजेंसी के समय ही खोला जाएगा।
कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि एक फरवरी को सुबह से चार पहिया वाहनों का शहर में प्रवेश नहीं होगा। मथुरा की ओर से आने वाले वाहनों को वृंदावन पानीगांव रोड पर, छटीकरा की ओर से आने वाले वाहन रुक्मिणी विहार पर पार्किंग पर रोके जाएंगे। यमुना एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाले वाहनों को पानी गांव पुल के पास ही रोक दिया जाएगा।