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कोई सुन कर आनंदित, कोई सुना के निहाल

Wed, 02 Mar 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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होली की उमंग भी अजीब है। कोई होली गीतों को सुनकर, नाच गाकर आनंदित है तो कोई इन गीतों को सुनाकर खुद को निहाल समझ रहे हैं।
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द्वारिकानाथ मंदिर में ब्रज फाग द्वारकेश रसिया मंडल के संस्थापक चुन्नी लाल चौबे साठ के दशक से मंदिर में होली गीतों का गायन करते हैं।

उन्होंने बताया कि होली के गीतों को गाने के बाद आनंद की अनुभूति होती है। होली के गीत दशकों पुराने हैं, लेकिन ये गीत आज की पीढ़ी को भी खूब भाते हैं।

गायन में साथ निभा रहे छोटे लाल चतुर्वेदी कहते हैं ऐसौ ब्रजमंडल कौ ठाकुर तीनों लोकन हूं में नाय...। होली का जो आनंद ब्रज के मंदिरों में है वो कहीं नहीं है। संयोजक प्रमोद चतुर्वेदी ‘पौई’ भी इस गायन मंडली में शामिल हैं और नियमित मंदिर में होली गायन कर रहे हैं।
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