धर्मनगरी में 19 मार्च को रंगभरनी एकादशी से भक्त और भगवान रंग और गुलाल में सराबोर होंगे। मंदिरों में ठाकुरजी के साथ होली खेलने और खिलाने की तैयारियां जोरों पर हैं। फाल्गुन के राग-रंग में रंगने को श्रद्धालु धर्मनगरी में पहुंचने लगे हैं।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के साथ-साथ ठाकुर राधावल्लभ, राधा सनेह बिहारी, यशोदानंदन, राधारमण, राधा दामोदर, गोपीनाथ, राधा श्याम सुंदर आदि मंदिरों में होली के धमार और पदों के गायन से वातावरण होलीमय हो गया है। 19 मार्च से वृंदावन के मंदिरों में भगवान भक्तों के साथ होली खेलेंगे।
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत ब्रजकिशोर गोस्वामी ने बताया कि ब्रज में होली की अनूठी परंपरा अपने में रस और आनंद को समेटे हुए है। वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में रंगभरनी एकादशी से होली महोत्सव का परंपरागत शुभारंभ हो जाता है। मंदिरों में ठाकुरजी अपने निज महल से बाहर जगमोहन में भक्तों के साथ होली खेलते हैं।
बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि 19 को रंगभरनी एकादशी की शाम से बांकेबिहारी मंदिर में रंग और गुलाल की होली शुरू हो जाएगी। 22 को होली दहन के दिन रंग, गुलाल और फूलों की होली का आयोजन किया जाएगा।