जटवारी में भक्ति की शक्ति के सामने आग की तपिश भी ठंडी पड़ गई। गुरुवार की रात में सुनील पंडा होली की लपटों से निकले। भक्त प्रह्लाद के जयघोषों से जटवारी गुंजायमान हो उठा।
गांव जटवारी में पिछले एक माह से अन्न का परित्याग कर सुनील पंडा भक्त प्रह्लाद की आराधना कर रहे थे। पास में रखे दीपक की लौ के ऊपर बार-बार हाथ कर देखते। गुरुवार की रात में जैसे ही सुनील पंडा को दीपक की लौ ठंडी लगी तो उन्होंने मान लिया कि होलिका से निकलने का समय हो चुका है।
उन्होंने मंदिर के निकट बने कुंड में स्नान किया और 10 मीटर चौड़े अग्नि के घेरे की ओर दौड़े। पलक झपकते ही उसमें से निकल गए। चारों ओर भक्त प्रह्लाद की जय-जयकार होने लगी। ग्रामीणों ने उनको कंधों पर उठा लिया। इसके बाद गांव में रातभर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।