पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद मथुरा में बढ़े खतरे को देखते हुए सेना सतर्क हो गई है। शहर में संदिग्धों की गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों में सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए जगह-जगह सैनिक तैनात कर दिए गए हैं।
एक सप्ताह पूर्व पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद से मथुरा में ऐसी आशंका को देखते हुए सेना की ओर से खासी सतर्कता बरती जा रही है।
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और मंदिरों में सुरक्षा के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर के तहत कार्ययोजना बनाने के बाद अब सेना की ओर से इस पर अमल कराया जा रहा है।
इसमें फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली और आगरा से मथुरा में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर सैनिकों की टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं और प्रमुख तिराहे, चौराहोें पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
इनमें लक्जरी वाहन विशेष निगरानी में है। इसके अलावा छावनी क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्ग में वेटरनेरी विश्वविद्यालय, ईगल गार्डन स्टेडियम रोड, स्टेशन हेडक्वार्टर रोड, सीओडी कांप्लेक्स रोड, भरतपुर रोड, मेंटीनेंस वर्कशॉप रोड, छावनी परिषद मार्ग, बसंतर मार्ग,
शक्ति मार्ग, विजय द्वार, विजय मार्ग पर पिक्टिंग (पिकेट पोस्ट लगाकर सतर्कता निगरानी करना) शुरू कराई गई है। इसमें सड़क पर टायर रखकर वाहनों की गति कम कर सैनिक श्ाीसे से अंदर की निगरानी कर रहे हैं।
सेना से जुड़े सूत्रों के अनुसार सैन्य क्षेत्र इलाके और उससे जुड़ी सिविल एरिया कमेटी की कालोनियों में 24 हथियारबंद सैनिकों की क्यूआरटी बनाकर लगातार गश्त कराई जा रही है।
इसके अलावा प्रमुख द्वारों पर दो-दो पिकेट बनाई गई हैं। इसमें सेना कार्यालय, सीएसडी कैंटीन में प्रवेश करने पर एंट्री गेट से पहले एक दस्ता तलाशी और पूछताछ, आईकार्ड देखने के लिए तैनात है। संतोषजनक जवाब मिलने पर ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।