मथुरा। पहले से परेशानी झेल रहे किसानों की मुश्किल बुधवार को हुई बारिश के बाद और ज्यादा बढ़ गई है। बारिश से जिन खेतों में जलभराव हुआ है। वहां फसल में नुकसान होने की सबसे ज्यादा संभावना है।
जिला कृषि अधिकारी अश्वनी सिंह ने बताया कि जनपद में किसानों ने दलहन, कपास, बाजरा, सब्जी, कपास और धान की खेती की है। गोवर्धन, बलदेव और छाता क्षेत्र में कई खेतों में जलभराव हुआ है। यहां फसल खराब हो सकती है। जिन क्षेत्रों में धान गिर गया है। वहां भी नुकसान होने का पूरा अनुमान है। बारिश ने किसानों के माथे पर परेशानी ला दी है। अगर बारिश नहीं थमी तो फसल पूरी तरह बर्बाद होने की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। फसल को बचाने के लिए धूप का निकलना बेहद जरूरी हो गया है।
बारिश से लेट हो सकती है आलू और सरसों की बुवाई
जनपद में सितंबर माह के आखिरी सप्ताह से सरसों और अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में आलू की बुवाई की जाती रही है। बारिश की वजह से सरसों और आलू की बुवाई लेट होने के आसार नजर आ रहे हैं। जनपद में 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों जबकि 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुवाई की जानी है। जब तक खेत पूरी तरह नहीं सूख जाएंगे सरसों और आलू की बुवाई होना बेहद मुश्किल है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में अभी आगामी तीन और दिनों में बारिश होने की संभावना है। ऐसा हुआ तो किसानों की दिक्कत कई गुना बढ़ जाएगी।
ये है जनपद में फसलों का रकबा
धान - 56 हजार हेक्टेयर
बाजरा - 62 हजार हेक्टेयर
कपास - 1500 हेक्टेयर
दलहन - 500 हेक्टेयर
सब्जी - 15 हजार हेक्टेयर