मथुरा। गिरिराज परिक्रमा को लेकर एनजीटी ने सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं वन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। उपस्थित हुए प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने गोवर्धन सर्विस रोड की प्रगति से कोर्ट को अवगत कराया।
बुधवार को आनंद गोपाल दास व सत्यप्रकाश मंगल की याचिका पर सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने सर्विस रोड को लेकर अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि गोवर्धन व राधा कुंड में सीवर व जलभराव तथा परिक्रमा के सर्विस रोड के निर्माण में देरी से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। इस पर प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन गोकर्ण ने सर्विस रोड की अब तक की प्रगति से अवगत कराया। कोर्ट ने इसे जल्द पूरा करने के हर संभव प्रयास किया जाने के निर्देश दिए। अधिग्रहण के कार्य को जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर पूरा करने को कहा।
इस दौरान प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं वन सुधीर गर्ग के न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायालय ने उत्तरप्रदेश सरकार के अधिवक्ता से कड़ी नाराजगीजाहिर की। 10 हजार का जुर्माना भी प्रमुख सचिव पर लगाया। हिदायत दी कि अगली बार भी ऐसा हुआ तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। हालांकि सरकारी अधिवक्ता अमित तिवारी ने माफ करने की मांग की, जिसे न्यायालय ने गौर न करते हुए अगली तारीख के लिए तलब किया। याची के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।