मथुरा। जिले में डेंगू के अब तक 20 रोगी मिल चुके हैं। इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य टीमों ने नए सिरे से क्षेत्रों में दौड़ना शुरू कर दिया है। सीडीओ को पत्र लिखकर देहात क्षेत्र में पंचायती राज विभाग से सहयोग के लिए अनुरोध किया है।
अब तक 20 डेंगू संक्रमित मिले हैं। इनमें से 5 रोगी तो बीते बृहस्पतिवार को ही मिले थे। लगातार रोगियों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और उसने उन क्षेत्रों में अपनी कवायद बढ़ा दी है, जिन क्षेत्रों में रोगी मिल रहे हैं। देहात में बलदेव और गोवर्धन क्षेत्र के कोसीखुर्द में अब तक अधिक रोगी मिले हैं। अत: इन क्षेत्रों में टीम का खासतौर पर अधिक ध्यान है। प्रतिदिन दो विशेष टीमें क्षेत्र में दौरा कर रही हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी भी अपने अधीन आने वाले पीएचसी पर ध्यान दे रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर तहसील वार भी टीमें गठित की गई हैं। जोकि अपने क्षेत्र में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परख रही हैं। बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
ये हैं डेंगू के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि डेंगू बुखार के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के चार से छह दिन बाद शुरू होते हैं और 10 दिनों तक रहते हैं। इनमें अचानक तेज बुखार (105 डिग्री), गंभीर सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, गंभीर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना, त्वचा पर लाल चकत्ते, जो बुखार आने के दो से पांच दिन बाद दिखाई देते हैं।
यह करें उपाय
डॉ. आरके सिंह कहते हैं कि डेंगू की कोई विशेष दवा नहीं है। सामान्य पैरासिटामोल टेबलेट लें। रोगी को आराम करना चाहिए। तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, जूस और पानी खूब पीना चाहिए। यदि रोगी को पेशाब कम होना, शुष्क मुंह या होंठ, सुस्ती या भ्रम, ठंडे या चिपचिपे हाथ-पैर जैसे लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। पानी को उबालने के बाद ठंडा करके पीएं। परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। खुद से दवा न लें।