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जमीन के लिए गवां दी जान: 29 दिनों से अधिग्रहण के विरोध में धरना दे रहे किसान की मौत, किसान यूनियन में आक्रोश

Fri, 20 Dec 2024 12:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

 65 वर्षीय किसान ने जमीन के लिए अपनी जान गवां दी। ये किसान पिछले 29 दिनों से अधिग्रहण के विरोध में धरना दे रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। 

 
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किसान का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा के मांट क्षेत्र के जहांगीरपुर खादर में 29 दिनों से अधिग्रहण के विरोध में धरना देने वाले किसान की बुधवार रात मौत हो गई। इससे गुस्साए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को रतनछतरी क्षेत्र में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। किसान के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना दिया और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया।
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मांट तहसील के जहांगीरपुर खादर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा सौभरि वन के समीप जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे किसान नाराज हैं और विरोध में जहांगीरपुर खादर के किसान धरना दे रहे थे। धरने में शामिल कालीदह क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय गोपाल चौधरी रात को प्रतिदिन की तरह धरना देकर ट्रैक्टर से देर रात घर पहुंचे। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

वहीं बृहस्पतिवार सुबह मौत की सूचना पर किसान नाराज हो उठे। रतनछतरी में प्रदर्शन की सूचना पर सीओ सदर संदीप सिंह, अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट अजीत सिंह और वृंदावन, जैत क्षेत्र की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सीओ के समक्ष भाकियू (टिकैत) मंडल अध्यक्ष रनवीर सिंह, जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष सलीम खान ने मृत किसान को शहीद का दर्जा देने और उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। सीओ ने किसानों को शांत कराकर पोस्टमार्टम करवाने और शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। वहीं किसान के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना दिया।

 

सीओ सदर ने बताया कि किसानों को कहा है कि वह अपनी मांग ज्ञापन के माध्यम से डीएम एवं एसएसपी करें। किसानों की समस्या के निदान के लिए मांट तहसील प्रशासन द्वारा एक टीम गठित कर दी गई है। यह टीम जांच कर कार्रवाई करेगी।

भूमि का अधिग्रहण होने के बाद से परेशान थे गोपाल चौधरी
भाकियू टिकैत के महानगर अध्यक्ष सलीम खान ने बताया कि किसान को जमीन अधिग्रहण के विरोध में धरना देते बृहस्पतिवार को 30 दिन हो गए। इसके बाद भी मांट प्रशासन ने किसानों की सुध नहीं ली है। नतीजतन, धरने में शामिल किसान गोपाल चौधरी का निधन हो गया है।
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वह जमीन का अधिग्रहण होने के बाद से ही परेशान थे और प्रतिदिन धरना दे रहे थे। हमारी मांग है कि किसानों की अधिग्रहित जमीन वापस की जाए। वन विभाग द्वारा जो फसल नष्ट की और उनके खेर में ट्यूबवेल व मकान बने थे, उन सब का मुआवजा दिया जाए। लेखपाल की कार्यप्रणाली की जांच की जाए। जब तक मांगों पर सुनवाई नहीं होगी धरना जारी रहेगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री चौधरी करुआ सिंह, मंडल महासचिव चौधरी राकेश, मंडल उपाध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश, अनुशासन समिति अध्यक्ष अर्जुन सिंह एवं क्षेत्रीय पार्षद घनश्याम चौधरी आदि मौजूद रहे।
 
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