मथुरा। मार्च माह में अब तक छह लोगों के संक्रमित होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है। अभी तक जनपद में कोरोना से बचाव के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। जिससे लोग इसके प्रति सजग नहीं हैं और गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं।
जनपद में अब तक छह व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से तीन संक्रमित एक ही परिवार के हैं। हालांकि इनमें से दो सदस्य अब ठीक हो चुके हैं। इस समय चार एक्टिव केस हैं। इन मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम के सामान्य लक्षण दिख रहे हैं। बीते ३ दिनों में ३ और आठ दिन के अंदर पांच केस मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग सजग नहीं दिख रहा है। न तो कोई गाइडलाइन जारी की गई है न ही सार्वजनिक स्थानों बाजार, मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि पर कोरोना सैंपल लिए जाने की कोई व्यवस्था की गई है। वैक्सीन भी अब तक नहीं आ सकी हैं। इससे वैक्सीन लगवाने के इच्छुक लोग परेशान हो रहे हैं।
कोविड संक्रमित में यह दिख रहे लक्षण
डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि संक्रमित व्यक्तियों में कोरोना के सामान्य लक्षण ही मिल रहे हैं। इनमें खांसी, जुकाम, गले में दर्द, सामान्य से अधिक दिनों तक बुखार, ठंड से बुखार चढ़ना इत्यादि लक्षण शामिल हैं। कहा कि सर्दी जुकाम होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। बिना उचित परामर्श के कोई भी दवा न लें।
घर में ही ठीक हो रहे संक्रमित
डॉ. भूदेव सिंह ने बताया कि इस माह मिले सभी छह संक्रमितों को होम आइसोलेशन में ही रखा गया है। इसमें ही उनका उपचार हो रहा है। इनमें से दो संक्रमितों की रिपोर्ट नेगेटिव भी आ चुकी है। यह अच्छी बात है कि संक्रमित घर पर ही सही हो रहे हैं। अब जनपद में चार एक्टिव केस हैं। इनके स्वास्थ्य पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर है।
कोविड से निपटने के लिए विभाग की पूरी तैयारी है। जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में वार्ड पूरी तरह से तैयार हैं। डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर गाइडलाइन का पालन कराए जाने का अनुरोध किया गया है। जिससे लोग मास्क लगाएं व सामाजिक दूरी का पालन करें। अभी बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर जांच नहीं की जा रही है लेकिन सैंपलिंग बढ़ा दी गई है।
- डॉ. अजय कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी