डीएम कार्यालय के बाहर दिव्यांग सेना के पदाधिकारी प्रदर्शन करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में एक दिव्यांग ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया तो अधिकारियों में खलबली मच गई। वह तत्काल प्रदर्शन कर रहे लोगों के पास पहुंचे।
मथुरा में राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के पदाधिकारियों ने बुधवार को डीएम ऑफिस के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद भी अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी तो सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इसकी खबर जैसे ही अधिकारियों को लगी वह अपने एयर कंडीशनर रूम से निकलकर दौड़ पड़े। काफी समझाने के बाद दिव्यांग सेना के पदाधिकारी माने।
विज्ञापन
बुधवार को राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश तंवर के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। तीन घंटे तक किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को बुलाने की मांग की। यहां उन्होंने वृंदावन में दिव्यांग ई-रिक्शा चालकों को पुलिस द्वारा परेशान करने का आरोप लगाया। अचानक सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे और दिव्यांगों को जेल भेजने की धमकी देते हुए भगाना शुरू कर दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
सिटी मजिस्ट्रेट और दिव्यांगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद दिव्यांगों ने प्रशासन पर गरीबों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दी। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने पास ही खड़ी बाइक से बोतल में पेट्रोल निकाला और अपने ऊपर डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। यह देख मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों में खलबली मच गई।
विज्ञापन
सूचना जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह को मिली तो वह भी बाहर निकले। जिलाधिकारी ने दिव्यांगों के 14 सूत्री मांगों पर विचार करने के बाद सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष श्यामवीर, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष राधिका रसिक, जिला उपाध्यक्ष शामलिया सिंह, नगर अध्यक्ष वृंदावन सोनू, राजीव बघेल, पवन, रमाकांत, हरीचंद आदि मौजूद रहे।