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Mathura News: आधा दर्जन कॉलोनियों हुईं जलमग्न, तीन हजार से अधिक घर मुसीबत में

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मथुरा। मोहिनी नगर में भरे बाढ़ के पानी से निकलते हुए लोग।  - फोटो : mathura
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वृंदावन। कालिंदी के रौद्र रूप ने कई कॉलोनियों में आफत मचा दी है। सड़कों से लेकर घरों तक पानी पहुंच गया है। लोग सुरक्षित जगह पर जा रहे हैं। सामान ले जाते समय उनकी आंखों से आंसू भी टपक रहे हैं। वह यमुना मैया से शांत रहने के लिए बार-बार प्रार्थना भी कर रहे हैं। वहीं, खादर में बनीं कई काॅलोनियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जहां एक ओर प्रशासन कॉलोनी को खाली करने की कह रहा है तो विद्युत निगम ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।
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वृंदावन की श्रीजी वाटिका, श्याम नगर, मोहिनी नगर, परिक्रमा मार्ग, कुंभ मेला क्षेत्र, भक्ति विहार कॉलोनी, कालिंदी विहार, गऊ घाट आदि क्षेत्रों में यमुना का पानी पहुंच गया है। यहां आवागमन बाधित हो गया है। लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है। कई लोग तो घरों से जरूरी सामान निकालकर जा रहे हैं तो कुछ लोगों ने दूसरी मंजिल पर अपना ठिकाना बना लिया है। कई जगह नाव से आवागमन हो रहा है।
सौभरि वन के पास बने मकानों और आश्रमों के अलावा श्रीजी वाटिका में भी नाव चल रही है। मोहिनी नगर में बुधवार की अपेक्षा पानी काफी बढ़ गया है। इन कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है। खेतों में भी पानी घुस गया है।
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आंखों से आंसू बह रहे
खादर में बने मकानों में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। उन्होंने सस्ते दामों में प्रतिबंधित जगहों को ले लिया और विभागीय कर्मचारियों से मिलकर मकान भी बना लिया, लेकिन बाढ़ से अब वे फंस गए हैं जिससे वह परेशान हैं। श्रीजी कॉलोनी के रहने वाले धर्मदास का कहना है कि बाढ़ को देखकर उनकी आखों से आंसू आ गए हैं। 2023 में बाढ़ से हुए नुकसान में वह उभर नहीं पाए थे कि अब फिर से बाढ़ आ गई।


विद्युत निगम ने 500 घरों की आपूर्ति बंद की


यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर के कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। सुरक्षा के दृष्टिगत पागल बाबा बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, जिससे लगभग 500 उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। अधिशासी अभियंता एके कपिल ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्युत सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, ताकि कोई हादसा नहीं हो। भक्ति विहार कॉलोनी में लगे दो 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर यमुना नदी के पानी में पूरी तरह डूब गए हैं। श्रीजी वाटिका कॉलोनी में दो 250 केवीए ट्रांसफॉर्मरों की एलटी लाइन का लगभग पचास फीसदी हिस्सा जलमग्न हो गया है। कालिंदी विहार का 400 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर से एलटी लाइन लगभग चालीस फीसदी तक पानी में डूब चुकी है। इससे आपूर्ति बंद है।


जलस्तर में गिरावट, फिर भी नौहझील-शेरगढ़ मार्ग रहा अवरुद्ध


नौहझील। नौहझील क्षेत्र में यमुना नदी में आई बाढ़ से तटीय गांव अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा जाटव, मांगरखोर, बाघर्रा, बरौठ, मंडारी, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, भगवान गढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, देदना,मरहला मुक्खा, भूरगढ़ी, पालखेड़ा, पिथौरा व फरीदपुर के ग्रामीणों की दुर्दशा बढ़ती जा रही है।

हालांकि गुरुवार को यमुना के जलस्तर में लगातार गिरावट हुई, लेकिन खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघा धान, बाजरा,ज्वार, मूंगफली सहित अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं और पशु हरे चारे को तरस रहे हैं। किसानों कल्ली, महेंद्र, गोपी समेत अन्य ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से बाजरा, धान, ज्वार, मूंगफली सहित अन्य सैकड़ों बीघा फसलों में नुकसान हुआ है। किसानों ने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि राजस्व कर्मियों को गांव-गांव भेजकर सही सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाए। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि यमुना के जलस्तर में गिरावट हुई है। गांव-गांव फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा।



कस्बा के बाजारों में पसरा सन्नाटा

नौहझील-शेरगढ़ मार्ग तीसरे दिन भी अवरुद्ध रहा। लगातार यमुना के जलस्तर में गिरावट के चलते शुक्रवार को इस मार्ग पर यातायात सुचारू कराया जा सकता है। नौहझील -शेरगढ़ मार्ग के बंद होने व क्षेत्र के गांवों में बाढ़ के चलते नौहझील कस्बा के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। बाजारों से भीड़भाड़ पूरी तरह गायब है।
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