मथुरा। प्रतिबंध के बाद भी चोरी-छिपे गुटखा-तंबाकू बिक रहे हैं। लॉकडाउन में अब इन गुटखों की कीमत दो से तीन गुनी हो गई हैं। मतलब गुटखों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने में पुलिस-प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। इतना जरूर है कि पुलिस ने कार्रवाई की, पर बिक्री थम नहीं सकी।
लॉकडाउन में गुटखा और तंबाकू पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। शुरू में जरूर यह गुटखा और तंबाकू बेखौफ बिक रहे थे, पर पुलिस का डंडा चला तो कुछ दिन इनका बिकना थम गया। अब यह गुटखा और तंबाकू बिक रहे हैं पर चोरी छिपे। ऐसा नहीं कि मथुरा-वृंदावन में ही गुटखा और तंबाकू बिक रहे हैं, बल्कि देहात में बिक्री में कोई कमी नहीं आई है।
लॉकडाउन में गुटखा पकड़ने की शुरुआत जमुनापार पुलिस ने की। यहां पर सात से आठ लाख रुपये का गुटखा पकड़ा गया। इसके बाद गोवर्धन पुलिस ने 60 हजार का गुटखा भरी गाड़ी पकड़ी। जैंत पुलिस ने चौमुंहा में 48 हजार रुपये का गुटखा पकड़ा। 26 अप्रैल को कृष्णानगर पुलिस ने करीब 20 हजार रुपये की हाथी छाप तंबाकू पकड़ी है।
नहीं बिकेगा प्रतिबंधित गुटखा-तंबाकू
प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू को नहीं बिकने दिया जाएगा। इसकी बिक्री करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। जनपद पुलिस ऐसे जमाखोरों पर छापा मारकर कार्रवाई करेगी।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी