वृंदावन। गोदा विहार मंदिर के शाश्वत आचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। भगवान वेदव्यास ने वेदों का विभाजन, महाभारत एवं पुराणों की रचना कर मानवता को अमूल्य ज्ञान प्रदान किया।
यह बात उन्होंने ब्राह्मण महासभा द्वारा गोदा बिहार मंदिर में मनाए गए गुरुपूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर व्यक्त किए। विप्रों ने मंदिर में विराजमान भगवान वेदव्यास का पूजन किया। ब्राह्मण महासभा के संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आधारशिला गुरु-शिष्य परंपरा है।
महासभा के अध्यक्ष महेश भारद्वाज ने कहा कि गुरुपूर्णिमा ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है। इस अवसर पर वंशी तिवारी, ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी, कृष्णमुरारी शर्मा, गोपाल शरण शर्मा, अजय बिहारी शर्मा आदि उपस्थित रहे।