मथुरा। गोवर्धन की गिरि तहलटी बुधवार को गिरिराज धरण के जयकारों से गूंजती रही। यमुना, गंगा, गोदावरी, बह्मपुत्र, चिनार, कृष्ण और अलकनंदा के पवित्र जल, दूध, दही, शहद व जड़ी बूटियों के पंचामृत से श्री गिरिराज महाराज का महाभिषेक किया गया। ग्वाल और सखी रूप बने श्रद्धालुओं ने गिरीराजजी का अभिषेक कर आरती की।
छप्पन भोग उत्सव की पूर्व संध्या पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी, पंडित माखन लाल चतुर्वेदी ने महाभिषेक सम्पन्न कराया। गोपी एवं ग्वाल स्वरूप धारण कर महिलाएं-पुरुष गाजे बाजे के साथ अभिषेक करने के लिए पहुंचे। श्रीगिरिराज सेवा समिति परिवार द्वारा इस उत्सव का आयोजन किया गया। इसके लिए समिति परिवार सदस्यों ने महाभिषेक कर भगवान गिरिराज महाराज को छप्पन भोग का न्यौता दिया है।
समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने पंचामृत अभिषेक और मुख्य यजमान सुनील बंसल, प्रदीप पी के सराफ ने कलश पूजन किया। अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती, नीरज गोयल, मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग दिनेश सादाबाद राजेन्द्र सराफ, भगवानदास खंडेलवाल, कन्नू सराफ सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ब्रज का अलौकिक छप्पन भोग आज
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर छप्पन भोग का आयोजन होगा। इसके लिए गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को रोशनी से सजाया गया है। इस बार गिरिराजजी सप्त रत्नों से सजे चन्द्रयान पर छप्पन भोग चखेगे। चंद्रयान 3 का प्रतिरूप तैयार कर लिया है। राधा रानी प्रज्ञान में ब्रह्मांड के साथ दर्शन देंगी। गाय के घी से बने 21 हजार किलो प्रसाद से सजने वाले छप्पन भोग में सोने के वर्क के व्यंजन भी शामिल है। गिरिराज प्रभु का शृंगार पंडित शरद मुखिया करेंगे ।